कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के मामलों को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार की रात और शनिवार तड़के पुलिस ने अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर टीएमसी के दो मौजूदा पार्षदों को गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है।
बशीरहाट: आवास योजना के नाम पर वसूली करने वाले गोपाल दास गिरफ्तार
पहली गिरफ्तारी उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में हुई। पुलिस ने शुक्रवार रात बशीरहाट नगर पालिका के वार्ड नंबर 21 के टीएमसी पार्षद गोपाल दास को उनके घर से दबोच लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गोपाल दास पिछले काफी समय से 'बांग्ला आवास योजना' के तहत पक्के घर दिलाने के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों से मोटी रकम वसूल रहे थे। पैसे देने के बाद भी कई लाभार्थियों को घर नहीं मिले, जबकि पैसे न दे पाने के कारण कई वास्तविक गरीब इस योजना से वंचित रह गए। इस धांधली को लेकर कुछ हफ्ते पहले स्थानीय लोगों ने उनके घर के बाहर उग्र प्रदर्शन भी किया था।
सोनरपुर: तालाब से मछली चुराते रंगे हाथों पकड़े गए पार्षद वरुण सरकार
दूसरी बेहद चौंकाने वाली घटना राजपुर-सोनरपुर नगर पालिका में सामने आई। शनिवार तड़के पुलिस ने वार्ड नंबर 32 के टीएमसी पार्षद वरुण सरकार को गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों के एक कमर्शियल तालाब (माछेर भेड़ी) से जबरन मछली चोरी कर रहे थे। जैसे ही इसकी भनक स्थानीय ग्रामीणों को लगी, वे भारी संख्या में मौके पर जुट गए। गुस्साए ग्रामीणों ने पार्षद वरुण सरकार को घेरकर बंधक बना लिया और जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सोनरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और पार्षद को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर थाने ले आई, जिसके बाद चोरी के पुख्ता आरोपों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
चुनाव में हार के बाद टीएमसी में मची है खलबली
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल के खराब प्रदर्शन के बाद से ही राज्य के विभिन्न निकायों में पार्षदों के इस्तीफे और गिरफ्तारियों का दौर जारी है। इससे पहले हुगली के चंदननगर नगर निगम में एक साथ 30 पार्षदों के इस्तीफे के बाद पूरा म्यूनिसिपल बोर्ड भंग हो चुका है। वहीं, कुछ दिनों पहले दमदम में एक टीएमसी पार्षद का शव फंदे से लटकता हुआ मिला था, जिसे पुलिस शुरुआती जांच में आत्महत्या मान रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक तरफ जहां पार्टी के भीतर पार्षदों के इस्तीफे और अंतर्कलह से घमासान मचा है, वहीं दूसरी ओर बशीरहाट और सोनरपुर की इन ताजा गिरफ्तारियों ने टीएमसी नेतृत्व को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया है।