नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और आधिकारिक चुनाव चिह्न 'जोड़ा फूल' (Twin Flowers) पर कब्जे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुटों के बीच खींचतान तेज हो गई है। शनिवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग (ECI) के कार्यालय में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक हुई। बैठक के बाद चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को पत्र भेजकर 16 सितंबर दोपहर 3 बजे तक अपना अंतिम पक्ष रखने और अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है।
राज्य की नंदग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उप-चुनाव से ठीक पहले प्रतीक विवाद का समाधान होना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव आयोग की बैठक और ऋतब्रत गुट द्वारा सौंपे गए दस्तावेज
शनिवार को दिल्ली में चुनाव आयोग ने कालीघाट (ममता बनर्जी गुट) और ऋतब्रत बनर्जी गुट के पांच-पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडलों की दलीलें सुनीं। ऋतब्रत गुट की ओर से आयोग के सचिव को 11 सितंबर का एक पत्र, 12 सितंबर का ईमेल तथा अलीपुर अदालत के तीन फैसलों (7 जुलाई, 3 अगस्त और 6 अगस्त) की प्रतियां सौंपी गईं। इसके अलावा 5 जून की एक खबर का हिस्सा भी जमा किया गया, जिसका शीर्षक था— 'तृणमूल को फिर से सजाया ममता बनर्जी ने'। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को निर्देश दिया है कि यदि उनके पास इन दस्तावेजों का जवाब या कोई अन्य साक्ष्य है, तो वह 16 सितंबर तक जमा कराएं और उसकी एक कॉपी ऋतब्रत गुट को भी भेजें।
उप-चुनाव से ठीक पहले 16 और 17 सितंबर की समयसीमा क्यों अहम?
पश्चिम बंगाल की नंदग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उप-चुनाव होने हैं, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। 16 सितंबर को ही उप-चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 16 सितंबर को दस्तावेज मिलने के बाद यदि आवश्यकता पड़ी, तो 17 सितंबर को शाम 4 बजे दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में दोनों पक्षों की दोबारा सुनवाई की जाएगी। इसके बाद आयोग 'जोड़ा फूल' चिह्न पर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगा।

ममता गुट का दावा: स्टेटस को से 'जोड़ा फूल' पर हमारा ही अधिकार रहेगा
कालीघाट प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने फिलहाल कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है। ममता गुट का तर्क है कि आयोग द्वारा 16 और 17 सितंबर तक कोई अंतरिम आदेश न दिए जाने का मतलब स्थिति यथावत (Status Quo) रहना है। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी ने ही पार्टी चेयरपर्सन के रूप में प्रतीक का आवंटन किया था, इसलिए आगामी उप-चुनाव में भी उनकी पार्टी के उम्मीदवार ही आधिकारिक 'जोड़ा फूल' चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे।
डेरेक ओ ब्रायन की चिट्ठी और तृणमूल के संविधान पर दलील
ममता बनर्जी गुट के वरिष्ठ नेता और सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने चुनाव आयोग को एक नया पत्र लिखकर शिकायत की है कि ऋतब्रत गुट द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की पूरी जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। इसके अलावा, आयोग की वेबसाइट पर पार्टी के संविधान का नवीनतम विवरण भी उपलब्ध नहीं है। डेरेक ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान संविधान के अनुसार पार्टी चेयरपर्सन का चुनाव 2027 में होना तय है। इसलिए आधिकारिक रूप से ममता बनर्जी ही 2027 तक TMC की निर्विवाद चेयरपर्सन हैं और ऋतब्रत गुट द्वारा आंतरिक चुनावों पर उठाए गए सवाल कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं।