मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों और टोल टैक्स से जुड़ी नई नीतियों पर महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि आज भारत के किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि वे अब ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। साथ ही, उन्होंने 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली नई टोल पॉलिसी की ओर भी संकेत किए।
1 अप्रैल 2025 से नई टोल पॉलिसी
गडकरी ने कार्यक्रम के दौरान टोल टैक्स और हाइवे टोल सिस्टम पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसी टोल पॉलिसी लाने जा रही है, जिससे लोगों को टोल को लेकर कोई शिकायत नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, हम 1 अप्रैल 2025 से एक नई टोल पॉलिसी ला रहे हैं, जिससे लोग खुश होंगे और टोल को लेकर कोई सवाल नहीं उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने इस नीति के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन यह आश्वासन दिया कि नई नीति से टोल दरों को लेकर होने वाली बहस समाप्त हो जाएगी।
गडकरी ने कहा कि भारत की 65% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जो देश की अर्थव्यवस्था में 12% योगदान देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश बायो फ्यूल के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र की विकास दर 20% तक पहुंच जाएगी।
36 ग्रीन एक्सप्रेस-वे बना रहे...
गडकरी ने 2047 के मेगा प्लान के तहत 5 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि देश में 36 ग्रीन एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं, जिनके पूरा होने पर चेन्नई से बेंगलुरु की यात्रा सिर्फ 2 घंटे और मुंबई से बेंगलुरु की यात्रा 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। इसके अलावा, चेन्नई से सूरत हाइवे का काम भी प्रगति पर है।
जम्मू-कश्मीर में 105 सुरंगों के निर्माण का भी जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।
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