भोपाल डेस्क। उत्तरप्रदेश में बारिश का दौर भले ही थम गया हो, लेकिन नदियों का जलस्तर अभी भी चिंता बढ़ा रहा है। प्रदेश के 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। करीब 10 हजार लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। कई इलाकों में सड़कों और गलियों में नावों से आवाजाही हो रही है।
इसी बीच राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मानसून की पूरी तरह विदाई हो गई है। हालांकि, मध्य प्रदेश में अक्टूबर के दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
लखनऊ में बाढ़ से हालात बिगड़े, 10 हजार लोगों का पलायन
उत्तरप्रदेश में बारिश रुकने के बावजूद बाढ़ का असर कम नहीं हुआ है। 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से 40 हजार से अधिक घर प्रभावित हुए हैं और कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।बाढ़ की स्थिति को देखते हुए करीब 10 हजार लोगों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। कई इलाकों में पानी इतना बढ़ गया है कि गलियों में नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
राजस्थान से 3 दिन की देरी से मानसून की विदाई
राजस्थान से शनिवार को मानसून पूरी तरह विदा हो गया। इस बार राज्य से मानसून की विदाई करीब 3 दिन की देरी से हुई। मानसून के जाते ही प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ने लगा है।झुंझुनूं के पिलानी में शनिवार को दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मानसून की विदाई के बाद आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मध्यप्रदेश से भी मानसून की विदाई, 7 अक्टूबर को बारिश का अनुमान
मध्यप्रदेश से भी शनिवार को मानसून पूरी तरह विदा हो गया। हालांकि, मानसून की विदाई के बाद भी अक्टूबर में कुछ क्षेत्रों में हल्की-फुल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।मौसम अनुमान के मुताबिक 7 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। यानी मानसून की विदाई के बावजूद कुछ इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा।
हिमाचल और उत्तराखंड से भी मानसून विदा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी शनिवार को मानसून की पूरी तरह विदाई हो गई। हालांकि उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में 5 अक्टूबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।6 और 7 अक्टूबर को कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में मानसून की विदाई के बाद भी पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम को लेकर सतर्कता बनी रहेगी।