नई दिल्ली: भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। नई दिल्ली से हावड़ा के बीच सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का प्रस्ताव सामने आया है। करीब 1,449 किलोमीटर लंबे इस व्यस्त रेल मार्ग पर नई ट्रेन शुरू होने से दिल्ली और कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। दी गई जानकारी के अनुसार, रेलवे बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के संकेत मिले हैं। हालांकि, ट्रेन के नियमित संचालन की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है। इस ट्रेन को खास तौर पर रात में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके शुरू होने से यात्रियों को तेज रफ्तार के साथ आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। पूर्वी भारत और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना इस प्रस्ताव का प्रमुख उद्देश्य है।
राजधानी एक्सप्रेस से भी कम समय में पूरा होगा सफर
प्रस्तावित समय-सारिणी के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शाम करीब 5 बजे नई दिल्ली से रवाना हो सकती है और अगली सुबह लगभग 8 बजे हावड़ा पहुंच सकती है। इस तरह ट्रेन करीब 15 घंटे में 1,449 किलोमीटर की दूरी तय करने का लक्ष्य रखेगी। फिलहाल, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को यह सफर पूरा करने में लगभग 17 घंटे 15 मिनट लगते हैं। ऐसे में नई ट्रेन के प्रस्तावित समय के अनुसार यात्रियों के करीब दो घंटे बच सकते हैं। इससे खास तौर पर नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। शाम को सफर शुरू करके अगली सुबह गंतव्य तक पहुंचने का शेड्यूल यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय और परिचालन की समय-सारिणी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
इन 8 प्रमुख स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव
प्रस्तावित मार्ग के अनुसार, नई दिल्ली-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के प्रमुख रेल नेटवर्क से होकर गुजर सकती है। इससे इन राज्यों के यात्रियों को दिल्ली और कोलकाता के बीच तेज रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है। संभावित स्टॉपेज में कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेल केंद्र हैं। इसके बाद ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और गया में रुक सकती है। झारखंड में कोडरमा, पारसनाथ और धनबाद संभावित ठहरावों की सूची में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में आसनसोल स्टेशन पर भी ट्रेन के रुकने की संभावना जताई गई है। इन स्टेशनों पर ठहराव होने से आसपास के शहरों के यात्रियों को दिल्ली और हावड़ा पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इन सभी स्टॉपेज की अंतिम पुष्टि रेलवे की आधिकारिक समय-सारिणी जारी होने के बाद ही होगी।
16 एसी कोच के साथ मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की रात की यात्रा को आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। प्रस्तावित ट्रेन में कुल 16 एसी कोच होंगे, जिनमें अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों के लिए बर्थ उपलब्ध रहेंगी। इसमें 11 एसी थ्री-टियर, चार एसी टू-टियर और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होने की जानकारी दी गई है। इससे यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा श्रेणी चुनने का विकल्प मिल सकता है। ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक अग्निशमन प्रणाली जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। प्रत्येक बर्थ पर चार्जिंग की सुविधा और आपात स्थिति में संपर्क के लिए टॉक-बैक बटन भी दिए जाने की जानकारी है। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाना है। ट्रेन की अंतिम तकनीकी विशेषताओं की पुष्टि आधिकारिक रेलवे जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।
‘कवच’ तकनीक से सुरक्षा पर रहेगा जोर
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्वदेशी ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। यह तकनीक निर्धारित परिस्थितियों में ट्रेन परिचालन के दौरान टक्कर जैसी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद करती है। लंबी दूरी और तेज रफ्तार वाले रेल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था का विशेष महत्व होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों को शामिल करने की योजना बताई गई है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी में मदद मिलेगी, जबकि आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए उपयोगी होगा। इसके अलावा, बर्थ पर उपलब्ध इमरजेंसी टॉक-बैक बटन से यात्री जरूरत पड़ने पर संबंधित रेल कर्मचारियों से संपर्क कर सकेंगे। ऑटोमैटिक दरवाजे भी ट्रेन संचालन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं। हालांकि, इन सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता और संचालन संबंधी विवरणों की पुष्टि ट्रेन के आधिकारिक परिचालन दस्तावेजों से होगी।
कितना हो सकता है वंदे भारत स्लीपर का किराया?
नई दिल्ली और हावड़ा के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का आधिकारिक किराया अभी घोषित नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी में विभिन्न एसी श्रेणियों के लिए संभावित किराये का अनुमान दिया गया है। इसके अनुसार, एसी थ्री-टियर का किराया करीब 3,000 रुपये हो सकता है। वहीं, एसी टू-टियर में सफर करने के लिए यात्रियों को लगभग 4,000 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं। फर्स्ट एसी श्रेणी का संभावित किराया करीब 5,100 रुपये बताया गया है। हालांकि, ये सभी आंकड़े अनुमानित हैं और इन्हें रेलवे द्वारा घोषित अंतिम किराया नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक टिकट की कीमत दूरी, लागू किराया नियमों और रेलवे की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार तय होगी। टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद ही यात्रियों को अलग-अलग श्रेणियों के सही किराये की जानकारी मिल सकेगी।
हावड़ा-कामाख्या रूट पर भी वंदे भारत स्लीपर का संचालन
दी गई जानकारी के अनुसार, हावड़ा-कामाख्या मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है। ऐसे में नई दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर इस सेवा के प्रस्ताव से पूर्वी भारत में आधुनिक रेल संपर्क को और विस्तार मिलने की संभावना है। हावड़ा से असम के कामाख्या क्षेत्र तक रेल संपर्क यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि दिल्ली-हावड़ा मार्ग राष्ट्रीय राजधानी और पश्चिम बंगाल के बीच प्रमुख कड़ी है। नई ट्रेन शुरू होने पर इन दोनों महत्वपूर्ण रेल मार्गों के यात्रियों को आधुनिक स्लीपर ट्रेन सेवाओं का लाभ मिल सकता है। खास तौर पर रात में यात्रा करने वालों के लिए आरामदायक बर्थ और आधुनिक सुविधाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं। तेज यात्रा समय से यात्रियों को अपने समय का बेहतर इस्तेमाल करने का अवसर भी मिल सकता है। हालांकि, नई दिल्ली-हावड़ा ट्रेन के संचालन, स्टॉपेज और किराये को लेकर अंतिम जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।