कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दलों की नजरें अगले कदम की रणनीति पर टिक गई हैं।
ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार
बंगाल चुनाव में करारी हार के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था । उनके इस फैसले के बाद राज्यपाल ने राज्य के मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने का कदम उठाया। ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को‘जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश’ करार देते हुए कहा कि वे हार मानने वाली नहीं हैं। उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने और सड़कों पर लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया।
चुनाव आयोग पर आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम जानबूझकर प्रभावित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश के तहत हुई है। मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। लगभग 100 सीटों पर जनादेश को लूट लिया गया और विपक्षी दल का मनोबल गिराने के लिए मतगणना जानबूझकर धीमी की गई।"
भाजपा विधायक दल की अहम बैठक
कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक होने जा रही है। यह बैठक राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। राज्य की राजनीति अब अगले बड़े कदम की दिशा में सभी दलों की निगाहें टिक गई हैं।