Jaipur: राजस्थान में चुनावी आचार संहिता (Rajasthan Election 2023) लगने से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक के एक कई घोषणाएं कर रहे हैं। सीएम गहलोत ने तीन नए जिले बनाने की घोषणा के बाद शनिवार को 8 विभिन्न बोर्ड के गठन को स्वीकृति दी है।
इन 8 बोर्ड के गठन को दी मंजूरी
इन नवगठित बोर्ड में राजस्थान राज्य राजा बली कल्याण बोर्ड, राजस्थान राज्य वाल्मिकी कल्याण बोर्ड, राजस्थान राज्य मेघवाल कल्याण बोर्ड, राजस्थान राज्य पुजारी कल्याण बोर्ड, राजस्थान राज्य केवट कल्याण (मां पूरी बाई कीर) बोर्ड, राजस्थान राज्य जाटव कल्याण बोर्ड, राजस्थान राज्य धाणका कल्याण बोर्ड एवं राजस्थान राज्य चित्रगुप्त कायस्थ कल्याण बोर्ड शामिल हैं।
क्या करेंगे ये नए बोर्ड
सभी बोर्ड संबंधित वर्गों की स्थिति का जायजा लेने, प्रमाणिक सर्वे रिपोर्ट (Rajasthan Election 2023) के आधार पर वर्गों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा इनके पिछड़ेपन को दूर करने के सुझाव राज्य सरकार को देंगे। इन बोर्ड द्वारा संबंधित वर्ग के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित करने, उनके लिए वर्तमान में संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में विभिन्न विभागों से समन्वय करने, परम्परागत व्यवसाय को वर्तमान तौर-तरीकों से आगे बढ़ाने, रोजगार को बढ़ावा देने तथा शैक्षिक एवं आर्थिक उन्नयन के संबंध में सुझाव दिए जाएंगे। साथ ही, सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विरूद्ध ठोस उपाय करने सहित अन्य सुझाव भी राज्य सरकार को प्रस्तुत किए जाएंगे।
अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत बोर्ड के लिए नियुक्त होंगे इतने सदस्य
इन सभी बोर्ड में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं तीन सदस्य सहित 5-5 गैर-सरकारी (Rajasthan Election 2023) सदस्य होंगे तथा राज्य के विभिन्न विभागों के शासन सचिव, आयुक्त, निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं उप निदेशक स्तर के अधिकारी सरकारी सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड या राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक स्तर के अधिकारी अथवा उनका प्रतिनिधि विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे।