Jaipur: प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान में कथित भर्ती परीक्षा प्रश्न पत्र लीक (Rajasthan News) मामले से संबंधित धनशोधन की जांच के सिलसिले में एक और गिरफ्तारी की है। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार (10 अक्टूबर) को यह जानकारी दी। एजेंसी ने एक बयान में बताया कि भूपेन्द्र सारण नाम के व्यक्ति को सोमवार (9 अक्टूबर) को हिरासत में लिया गया था और जयपुर स्थित धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार (10 अक्टूबर) को उसे तीन दिन के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया।
ED ने क्या कहा?
इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (Rajasthan News) ने कहा, 'भूपेंद्र सारण ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड द्वितीय की प्रतियोगी परीक्षा, 2022 के सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र लीक किया। यह परीक्षा आरपीएससी (राजस्थान लोक सेवा आयोग) द्वारा 21 दिसंबर 2022, 22 दिसंबर 2022 और 24 दिसंबर 2022 को राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर आयोजित कराई जानी थी।' पेपर लीक में आरोपी की भूमिका का जिक्र करते हुए एजेंसी ने कहा, 'भूपेंद्र ने प्रति उम्मीदवार आठ से 10 लाख रुपये के हिसाब से सुरेश ढाका और अन्य व्यक्तियों प्रति परीक्षार्थियों को उक्त लीक हुए प्रश्न पत्र दिए।'
RPSC के पूर्व सदस्य की तीन करोड़ की संपत्ति जब्त
इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले महीने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और अनिल कुमार मीणा को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने इससे पहले सारण और कटारा की तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली थी। राजस्थान पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की थीं। धन शोधन का मामला उन्हीं प्राथमिकियों पर आधारित है।
आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, आरोपी भूपेंद्र सारण को ईडी (Rajasthan News) ने जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पेशी के बाद कोर्ट ने आरोपी भूपेंद्रे सारण को तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया। भूपेंद्र सारण साल 2011 में जीएनएम भर्ती पेपर लीक और साल 2022 में पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक में शामिल था, इस मामले वह जेल की हवा भी खा चुका है। भूपेंद्र सारण से पूछताछ में पेपर लीक मामले में कई और महत्वपूर्ण परतों का खुलासा होने का अनुमान है।