Jaipur: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (CM Gehlot) के विजन-2030 डॉक्यूमेंट को विषय विशेषज्ञों से ही नहीं बल्कि आम लोगों से भी 3.14 करोड़ सुझाव मिल चुके हैं। आपको बता दें कि विपक्ष ने कुछ सवाल उठाए थे। विपक्ष भले ही इस दस्तावेज पर सवाल उठा रहा हो, लेकिन गहलोत का मानना है कि लेकिन गहलोत का मानना है कि ऐसा ब्लू प्रिंट बनना ऐतिहासिक पहल है। वे सभी विभागों, कई टीमों तक पहुंचे, ऑनलाइन और ऑफलाइन सर्वेक्षण किया और यहां तक कि प्रत्येक पंचायत ग्राम सभा को भी शामिल किया और प्रत्येक सरकारी स्कूल में प्रतियोगिताएं आयोजित कीं। जिसमें उन्होंने विजन-2030 को लेकर सुझाव मांगे।
लोगों के दिए सुझावों के कुछ मुद्दें
विजन-2030 को लेकर जनता ने अपने सुझाव में कहा कि बस आम लोगों को दो चीजें मुफ्त में दें- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा। मनरेगा पर इतना पैसा खर्च करने के बजाय इसका दृष्टिकोण बदलें। चीन से प्रेरणा लें और घरों में कच्चा माल और मशीनरी उपलब्ध कराएं। उन्हें बिजली के सामान और अन्य उत्पाद बनाने दें, जिन्हें सरकार खरीद कर बाज़ार में बेच सके। राज्य की आय बढ़ेगी और बेरोजगारों को संसाधन प्राप्त होंगे। एक अनुमान के आधार पर, सर्वेक्षण करने में लगभग 4 लाख 80 हजार लोग शामिल हैं। राज्य के लोग क्या सोचते हैं और क्या चाहते हैं?
'सरकार की सोच सराहनीय'
लोगों ने कहा कि सरकार की पहल तो सराहनीय है ही, लेकिन देश में भी अच्छा काम हो रहा है। एक व्यक्ति ने लिखा, सरकार की योजनाएं मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी हैं लेकिन सरकार को फ्री की दो ही स्कीम चलानी चाहिए- शिक्षा और चिकित्सा। इसके बाद स्थाई रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर औद्योगिक इकाइयां विकसित करनी चाहिए। एक अन्य सुझाव आया, महिलाओं को मोबाइल देना गलत नहीं है लेकिन सरकार कक्षा 10-12 के छात्रों के लिए हर स्कूल में डिजिटल बोर्ड उपलब्ध करवा कर ऑनलाइन क्लास की सुविधा दिलवा सकती है। शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे में कोर्स समय पर पूरा हो सकेगा।
कैसे हुआ सर्वे
आपको बता दें कि करीब 3 लाख कार्मिकों (CM Gehlot) ने मोबाइल एप से फील्ड में सर्वे किया। करीब 11 हजार ग्राम विकास अधिकारियों ने पंचायतों में सुझाव इकट्ठे किए। बीस हजार विद्यालयों के शिक्षकों ने निबंधों का अध्ययन किया। राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों के दो से ढाई हजार अधिकारियों-कर्मचारियों ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सुझावों में से उपयोगी सुझाव छांटे।
विजन-2030 डॉक्यूमेंट के लिए 4.80 लाख लोगों के जरिए सर्वे, लोगों ने सीएम गहलोत के काम को दी शाबासी, दर्द भी गिनाए
भ्रष्टाचार पर क्या बोली राजस्थान की जनता?
लोगों ने सुझाव दिए कि पूरे सिस्टम को कैशलेस बनाने की जरूरत है, ताकि नौकरशाह और नेता रिश्वत न ले सकें। ठेकेदारों को अपने काम और सामग्री के लिए कम से कम 5 साल की गारंटी देनी होगी और शिकायत होने पर उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए। हमें भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन की मंजूरी देने की आवश्यकता से छुटकारा पाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मामलों का शीघ्र निपटारा हो। जब तक मामला चल रहा है, रिश्वतखोर नौकरशाहों को उनके वेतन का केवल 25% ही मिलना चाहिए। भ्रष्ट नेताओं को बाहर निकालना चाहिए. उर्वरक सब्सिडी वितरकों को देने के बजाय सीधे किसानों के खाते में जानी चाहिए।
नौकरशाहों और अफसरों को लेकर क्या बोले?
लोगों ने कहा कि आपकी योजनाएं अच्छी हैं लेकिन पुलिस का रवैया ठीक नहीं। पुलिस फरियादी की सुने, एमएलए के दबाव में न आए। नौकरशाहों को 3 वर्ष से अधिक एक जगह न रखें। बदलते रहें ताकि कार्यकुशलता बढ़े, पारदर्शिता आए।
रोजगार पर सर्वाधिक सुझाव
रोजगार को लेकर सुझाव दिए गए कि संविदाकर्मियों (CM Gehlot) को नियमित किया जाए। नकल माफिया पर नकेल लगे, परीक्षाओं में भ्रष्टाचार खत्म हो, वक्त पर रिजल्ट आएं, भर्तियां हों। आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं पर ध्यान दिया जाए। युवा बोर्ड में कॅरिअर, प्लेसमेंट सेल बनाएं। पांचवीं कक्षा से कृषि पढ़ाएं। व्यावसायिक शिक्षा दें।
प्रशासनिक काम में जवाबदेही, तेजी आए
प्रशासनिक काम में जवाबदेही को लेकर जनता ने लिखा कि सरकारी विभागों-संस्थाओं का कंसोलिडेशन, रेशनलाइजेशन हो ताकि उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग हो सके। राजस्व कानूनों व नियमों का सरलीकरण हो। सुशासन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग हो। गारंटीड सर्विस डिलीवरी एवं जवाबदेही और गारंटीशुदा सेवा प्रदायगी एवं जवाबदेही विधेयक पारित किया जाए।
दूसरे राज्यों के मॉडल गिनाए
दूसरे राज्यों के मॉडल गिनवाते हुए जनता ने लिखा कि तमिलनाडु व कर्नाटक की तरह आईटी सेक्टर डेवलप करें। स्टार्ट अप्स को बढ़ावा दिया जाए। यूपी की तरह श्रमिकों को न्यूनतम ~5 हजार प्रतिमाह दें। शिक्षा व्यवस्था दिल्ली की तरह हो। वित्तीय प्रबंधन- गैस, डीजल, पेट्रोल की दरें कम की जाएं।
जिंदगी आसान करने वाले आइडिया
लोगों ने जिंदगी को आसान करने के लिए सुझाव दिया कि सड़कें 30 वर्षों के ट्रैफिक दबाव के मद्देनजर बनें। ग्रीन बेल्ट योजना में 1400 किमी लंबी 20 किमी चौड़ी वृक्षों की दीवार बने, ताकि रेगिस्तान सीमित रहे, वर्षा अच्छी हो।
पुलिस के तौर तरीकों पर सवाल उठाए
पुलिस के तौर तरीकों पर सवाल उठाते हुए जनता (CM Gehlot) ने कहा कि पुलिस गरीबों के साथ न्याय नहीं कर रही। ज्यादातर थानेदार जेब भरने में लगे हैं। इस पर लगाम लगाएं।
सीएम गहलोत ने क्या कहा?
सीएम गहलोत ने कहा कि हमारा भरोसा जनसहभागिता आधारित विकास पर रहा है। जनता से सुझाव लेना इसी सोच का परिणाम है। 5 साल में प्रदेश अपूर्व प्रगति कर मजबूत बना है। 2030 तक सबसे प्रगतिशील राज्य बनाएंगे।