भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले की पहाड़ी थाना क्षेत्र के घाटमीका गांव (Rajasthan News) के रहने वाले दो युवक नासिर और जुनैद की हत्या के वांछित आरोपी मोनू मानेसर को भरतपुर की सेंट्रल जेल से से शुक्रवार को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया। 12 सितम्बर को मोनू मानेसर को हरियाणा की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद राजस्थान पुलिस ट्रांजिट वारंट के तहत राजस्थान की पुलिस मोनू मानेसर को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर उससे गहनता से पूछताछ की थी। 14 सितम्बर को मोनू मानेसर को वीसी के जरिये कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट द्वारा मोनू मानेसर को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। तभी से मोनू मानेसर भरतपुर की सेवर सेन्ट्रल जेल में बंद था।
अजमेर के हाई सिक्योरिटी जेल में किया गया शिफ्ट
9 दिन भरतपुर की सेवर जेल में रखने के बाद मोनू मानेसर को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार मोनू मानेसर को अजमेर शिफ्ट करने के लिए तीन बड़े कारण हैं। नासिर जुनैद की हत्या में शामिल तीन आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था वह तीनों आरोपी सेवर जेल में ही बंद हैं। दूसरा बड़ा कारण है कि मोनू मानेसर उग्र स्वभाव का है, इसलिए उसका किसी भी कैदी के साथ झगड़ा हो सकता है। इसके अलावा तीसरा बड़ा कारण है कि सेवर जेल के अंदर मोनू मानेसर की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए पुलिस ने मोनू मानेसर को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया है।
क्या कहना है आईजी पुलिस का
भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रूपिंदर सिंह ने बताया है कि मोनू मानेसर (Rajasthan News) को अजमेर जेल में ट्रांसफर करने का निर्णय उच्च स्तर पर लिया गया था। उसके तीन साथी भी उसी जेल में हैं और वह उन पर हमला कर सकते है या जेल के अंदर कोई भी उसे मार सकता है। उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें अजमेर शिफ्ट कर दिया गया है।
जानें अजमेर जेल में शिफ्ट करने की वजह
भरतपुर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया है कि सुरक्षा कारणों से मोनू को अजमेर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। और दूसरा कारण यह था कि तीन आरोपी जो पहले ही नासिर - जुनैद हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए। फिरोजपुर झिरका के मूल निवासी रिंकू सैनी, भिवानी (हरियाणा) के मूल निवासी मोनू उर्फ गोगी और नरेंद्र उर्फ मोनू राणा वो भी सेवर जेल में हैं। इन आरोपियों को एक ही जेल में नहीं रखना चाहिए, इसलिए प्रशासन ने मोनू को यहां से अजमेर जेल में स्थानांतरित करने का फैसला किया।