IND vs SL Test 2026: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट की नई भिड़ंत शुरू होने से पहले टीम इंडिया के पिछले नौ साल के सफर पर नजर डालें तो तस्वीर पूरी तरह बदली हुई दिखाई देती है। 2017 में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टेस्ट टीम और 2026 में पहुंची टीम के बीच सिर्फ दो खिलाड़ी ऐसे हैं, जो दोनों दौर का हिस्सा रहे हैं- केएल राहुल और कुलदीप यादव। भारत इस समय श्रीलंका में दो मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रहा है। मुख्य सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी, जबकि उससे पहले भारतीय टीम श्रीलंका XI के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेल रही है। यह मुकाबला 7 से 9 अगस्त तक कोलंबो में रखा गया है। इस दौरे के साथ भारतीय टेस्ट क्रिकेट की एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। 2017 में जिस टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी, नौ साल बाद नेतृत्व की जिम्मेदारी शुभमन गिल संभाल रहे हैं। उस समय टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन और आर. अश्विन जैसे दिग्गज शामिल थे। अब उस दौर की टीम से केवल राहुल और कुलदीप ही मौजूदा स्क्वॉड में दिखाई दे रहे हैं।
2017 से 2026 तक कितना बदल गया भारत का टेस्ट स्क्वॉड?
2017 में श्रीलंका दौरे पर भारत ने 16 सदस्यीय टेस्ट स्क्वॉड के साथ यात्रा की थी। उस टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा का अच्छा मिश्रण था। विराट कोहली कप्तान थे, जबकि रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन और केएल राहुल जैसे बल्लेबाज टीम का अहम हिस्सा थे। गेंदबाजी विभाग में रविचंद्रन अश्विन, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी जैसे नाम मौजूद थे। वहीं स्पिन विभाग में रविचंद्रन अश्विन के साथ अक्षर पटेल और कुलदीप यादव भी टीम में थे। नौ साल बाद जब भारत उसी देश में टेस्ट क्रिकेट खेलने पहुंचा है, तो टीम की संरचना काफी बदल चुकी है।
2017 की टीम में कौन-कौन था?
2017 के श्रीलंका दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम में ये खिलाड़ी शामिल थे: विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा, अभिनव मुकुंद, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, केएल राहुल, रिद्धिमान साहा, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और कुलदीप यादव। यह वह दौर था जब भारतीय टेस्ट टीम में एक साथ कई स्थापित सितारे खेल रहे थे। कोहली की कप्तानी में टीम लगातार टेस्ट क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बना रही थी।
नौ साल बाद सिर्फ दो पुराने चेहरे
2026 के श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई टीम में 2017 वाली टीम से केवल केएल राहुल और कुलदीप यादव मौजूद हैं। यानी 2017 के 16 सदस्यीय स्क्वॉड में से 14 खिलाड़ी इस बार टीम का हिस्सा नहीं हैं। इनमें कुछ ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया, कुछ टेस्ट क्रिकेट से दूर हो गए और कुछ लंबे समय से राष्ट्रीय टेस्ट टीम की योजनाओं से बाहर हैं। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए पीढ़ीगत परिवर्तन को भी दिखाता है।
विराट कोहली से शुभमन गिल तक पहुंची कप्तानी
2017 में भारतीय टेस्ट टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी। उस दौर में कोहली भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाज और कप्तान थे। 2026 में कहानी बदल चुकी है। अब शुभमन गिल भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान हैं। गिल के नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। उनके साथ यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल और अन्य युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी बताती है कि टीम में नई पीढ़ी को बड़ी जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
2017 के सात बड़े नाम अब टेस्ट टीम में नहीं
2017 की टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, रविचंद्रन अश्विन और रिद्धिमान साहा जैसे बड़े नाम थे। इनमें से कई खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट से उनका अध्याय समाप्त हो चुका है। रिद्धिमान साहा भी क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वहीं चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन और रविचंद्रन अश्विन भी उस टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। अभिनव मुकुंद ने आधिकारिक रूप से संन्यास की घोषणा नहीं की है, लेकिन वह लंबे समय से भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में सक्रिय नहीं हैं।
हार्दिक पांड्या भी टेस्ट टीम से बाहर
2017 की टीम में हार्दिक पांड्या भी शामिल थे। उस समय वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प के तौर पर देखे जा रहे थे। हालांकि, समय के साथ पांड्या ने खुद को मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित कर लिया। टेस्ट क्रिकेट में उनकी वापसी नहीं हुई। इसलिए 2026 के श्रीलंका दौरे पर भी उनका नाम भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में नहीं है।
अक्षर पटेल को भी नहीं मिली जगह
2017 की टीम का हिस्सा रहे अक्षर पटेल इस बार श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई टेस्ट टीम में नहीं हैं। भारतीय टीम के पास अब स्पिन और ऑलराउंड विकल्पों में रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं। इसके अलावा टीम में नए स्पिन विकल्पों को भी जगह दी गई है। इससे पता चलता है कि टेस्ट टीम का संयोजन समय के साथ काफी बदला है।
ईशांत, उमेश, भुवनेश्वर और शमी भी गायब
2017 की टीम के तेज गेंदबाजी विभाग में ईशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी शामिल थे। 2026 के श्रीलंका दौरे पर इनमें से कोई भी खिलाड़ी मौजूदा टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा नहीं है। भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में अब मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे नाम प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। युवा तेज गेंदबाजों को भी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिल रहा है।
केएल राहुल ने दोनों दौर देखे
2017 और 2026 की भारतीय टेस्ट टीम के बीच सबसे बड़ा कनेक्शन केएल राहुल हैं। राहुल ने पिछले नौ वर्षों में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के कई अलग-अलग चरण देखे हैं। उन्होंने सलामी बल्लेबाज से लेकर मध्यक्रम और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी तक कई भूमिकाएं निभाई हैं। 2026 के श्रीलंका दौरे पर भी वह टीम के अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनके अनुभव का फायदा युवा बल्लेबाजों को भी मिल सकता है।
कुलदीप यादव भी 2017 से टीम में कायम
दूसरा नाम कुलदीप यादव का है। 2017 में वह भारतीय टीम के युवा स्पिन विकल्पों में शामिल थे। नौ साल बाद भी वह टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। इस दौरान कुलदीप के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए। सीमित ओवरों में भूमिका बदलने से लेकर टेस्ट टीम में वापसी तक उन्होंने लंबा सफर तय किया है। अब 2026 में श्रीलंका की परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
2026 की टीम में कौन-कौन नए चेहरे?
2026 के श्रीलंका टेस्ट दौरे के लिए भारतीय स्क्वॉड में शामिल खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, सारांश जैन, आकिब नबी, मानव सुथार और गुरनूर बराड़। इस टीम में पुराने दौर की तुलना में युवा खिलाड़ियों की संख्या काफी अधिक है। यशस्वी जायसवाल पहले ही टेस्ट क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखा चुके हैं। वहीं देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ियों के लिए यह दौरा खुद को लंबे फॉर्मेट में स्थापित करने का बड़ा मौका है।
ऋषभ पंत के रूप में नया विकेटकीपिंग विकल्प
2017 में भारतीय टीम के विकेटकीपर रिद्धिमान साहा थे। 2026 में यह भूमिका ऋषभ पंत के हाथों में है। पंत टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उनकी बल्लेबाजी टीम के निचले मध्यक्रम को अतिरिक्त मजबूती देती है। उनके अलावा ध्रुव जुरेल भी विकेटकीपिंग विकल्प के तौर पर टीम में मौजूद हैं। इस तरह विकेटकीपिंग विभाग में भी 2017 और 2026 की टीम के बीच बड़ा बदलाव दिखाई देता है।
गेंदबाजी में भी बदल गया पूरा समीकरण
नौ साल पहले भारतीय टीम के पास ईशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज थे। अब मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाज टीम के तेज आक्रमण का हिस्सा हैं। स्पिन में कुलदीप यादव के साथ रवींद्र जडेजा और नए विकल्पों को भी टीम में शामिल किया गया है। इस बदलाव का एक बड़ा कारण भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों और स्पिनरों की नई पीढ़ी का उभरना भी है।
श्रीलंका सीरीज से पहले वॉर्मअप मैच क्यों अहम?
भारत और श्रीलंका की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होनी है। उससे पहले तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए परिस्थितियों को समझने का मौका है। खास तौर पर जिन खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में नई भूमिका मिली है, उनके लिए यह मैच महत्वपूर्ण है। बल्लेबाज श्रीलंका की परिस्थितियों में अपनी तकनीक परख सकते हैं, जबकि गेंदबाज पिच और मौसम के अनुसार रणनीति तैयार कर सकते हैं। अभ्यास मैच 7 से 9 अगस्त तक कोलंबो के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब में खेला जा रहा है।
नई टीम के सामने नई चुनौती
2017 में भारत की टीम अनुभव से भरपूर थी। 2026 की टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का अलग संयोजन देखने को मिल रहा है। शुभमन गिल के लिए कप्तान के तौर पर यह दौरा भी महत्वपूर्ण है। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट की नई दिशा तय करने की कोशिश कर रही है। वहीं केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी उस पुराने दौर और नए दौर के बीच पुल का काम कर रहे हैं।
नौ साल का बदलाव भारतीय क्रिकेट की तस्वीर दिखाता है
2017 में जो खिलाड़ी भारतीय टेस्ट क्रिकेट की पहचान थे, उनमें से अधिकांश अब खेल से विदा हो चुके हैं या टेस्ट टीम की योजनाओं में नहीं हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा, अश्विन, पुजारा, रहाणे और शिखर धवन जैसे नाम भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक शानदार दौर का हिस्सा रहे। अब उनकी जगह शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल और अन्य नए चेहरों ने लेनी शुरू कर दी है। यही वजह है कि 2026 का श्रीलंका दौरा सिर्फ एक टेस्ट सीरीज नहीं, बल्कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट में पीढ़ी परिवर्तन की तस्वीर भी पेश करता है।