लखनऊ - UP T20 League 2026 के फाइनल में रिंकू सिंह की कप्तानी वाली मेरठ मावेरिक्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लखनऊ फाल्कन्स को 94 रन से हरा दिया। लखनऊ के एकाना स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में मेरठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजी में भी लखनऊ को पूरी तरह दबाव में रखा। लखनऊ की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन मेरठ के सामने उसकी चुनौती ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
दिव्यांश जोशी के तूफानी शतक ने बदला मैच
टॉस जीतकर रिंकू सिंह ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मेरठ के लिए स्वास्तिक चिकारा और दिव्यांश जोशी ने पारी की शुरुआत करते हुए 53 रन की साझेदारी की। इसके बाद दिव्यांश ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख पूरी तरह मेरठ के पक्ष में कर दिया।
दिव्यांश जोशी ने महज 40 गेंदों पर 105 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 12 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी के दम पर मेरठ मावेरिक्स ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 203 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
204 रन के लक्ष्य के दबाव में बिखरी लखनऊ
204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ फाल्कन्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मेरठ के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और लखनऊ के बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटते गए। अजीत वर्मा ने 24 गेंदों में 39 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन उनके रन आउट होने के बाद लखनऊ की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। इसके बाद मेरठ के गेंदबाजों ने मुकाबले को जल्द ही अपने कब्जे में कर लिया।
विशाल चौधरी ने बरपाया कहर
मेरठ की जीत में गेंदबाज विशाल चौधरी का भी अहम योगदान रहा। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए और लखनऊ के मध्यक्रम को बड़ा झटका दिया। मेरठ के गेंदबाजों के सामने लखनऊ की पूरी टीम सिर्फ 16 ओवर में 109 रन पर सिमट गई। इस तरह मेरठ मावेरिक्स ने फाइनल मुकाबला 94 रन से अपने नाम कर लिया।

चौथी बार फाइनल में पहुंची थी मेरठ
मेरठ मावेरिक्स के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम लगातार चौथी बार UP T20 League के फाइनल में पहुंची थी। इस बार रिंकू सिंह की कप्तानी में टीम ने खिताबी मुकाबले में एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। वहीं, पहली बार फाइनल खेलने उतरी लखनऊ फाल्कन्स को उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। मेरठ की जीत में दिव्यांश जोशी के शतक और विशाल चौधरी की घातक गेंदबाजी ने निर्णायक भूमिका निभाई।