नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी है। करीब चार साल बाद राष्ट्रीय टीम में लौटे 36 वर्षीय भुवनेश्वर के चयन का पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने खुलकर समर्थन किया है। जाफर का कहना है कि भुवनेश्वर को टीम में शामिल करना किसी तरह की मेहरबानी नहीं, बल्कि उनके प्रदर्शन और फिटनेस को देखते हुए लिया गया फैसला है। अपने यूट्यूब चैनल पर जाफर ने यह भी सवाल उठाया कि अगर भुवनेश्वर लगातार आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन्हें इतने लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर क्यों रखा गया।
‘उन्हें चुनकर किसी ने कोई मेहरबानी नहीं की’
वसीम जाफर ने भुवनेश्वर की वापसी पर कहा कि देर से ही सही, लेकिन उनका चयन सही फैसला है। उनके मुताबिक, भुवनेश्वर अपने प्रदर्शन के आधार पर टीम में जगह पाने के हकदार हैं। जाफर ने कहा, “देर आए, दुरुस्त आए। वह इसे डिजर्व करते हैं। उनको सेलेक्ट करके किसी ने कोई मेहरबानी नहीं की है। उनका प्रदर्शन सबके सामने रहा है और उनकी फिटनेस भी शानदार रही है।” पूर्व क्रिकेटर ने यह सवाल भी उठाया कि जब भुवनेश्वर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे, तब उन्हें पहले ही टीम से बाहर क्यों किया गया था।
उम्र नहीं, मौजूदा प्रदर्शन को मिले प्राथमिकता
जाफर ने टीम चयन में उम्र को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है, लेकिन सिर्फ उम्र के आधार पर अनुभवी और लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के पास कई युवा तेज गेंदबाज हैं, लेकिन बड़े मुकाबलों और दबाव के क्षणों में अनुभव बेहद महत्वपूर्ण होता है। जाफर के मुताबिक, टीम में युवा ऊर्जा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन होना चाहिए। उनका मानना है कि भुवनेश्वर की मौजूदगी सिर्फ गेंदबाजी के लिहाज से ही नहीं, बल्कि युवा तेज गेंदबाजों के लिए मार्गदर्शन के लिहाज से भी उपयोगी हो सकती है।
नई गेंद से भुवी की स्विंग फिर बनेगी हथियार?
भुवनेश्वर कुमार की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद के साथ दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता रही है। जाफर के मुताबिक, पावरप्ले में उनकी यह क्षमता भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त विकल्प दे सकती है। भुवनेश्वर भारत के लिए 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 90 विकेट हैं। ऐसे में लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ उनकी वापसी भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाजों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। लंबे अंतराल के बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर के प्रदर्शन पर इस सीरीज के दौरान खास नजर रहेगी। जसप्रीत बुमराह के साथ भुवनेश्वर की नई गेंद की जोड़ी कैसी रहती है, यह भी देखने वाली बात होगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को देखते हुए न्यूजीलैंड सीरीज भुवनेश्वर के लिए खुद को एक बार फिर साबित करने का अहम मौका होगी।