नई दिल्ली. भारत में एक मई 2026 से ऑनलाइन गेमिंग को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। भारत सरकार द्वारा लागू किए गए ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ अब पूरे देश में प्रभावी हो चुके हैं। इन नियमों का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को कानूनी ढांचा देना, साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाना और युवाओं को गेमिंग की लत से बचाना बताया जा रहा है।
ऑनलाइन गेम्स को तीन हिस्सों में बांटा गया
नए नियमों के तहत सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी ई-स्पोर्ट्स की है, जिसमें कौशल और रणनीति आधारित प्रतिस्पर्धी खेल शामिल किए गए हैं। दूसरी श्रेणी ऑनलाइन सोशल गेम्स की बनाई गई है, जिसमें मनोरंजन और सीखने वाले सुरक्षित गेम्स को रखा गया है। सबसे बड़ा बदलाव तीसरी श्रेणी यानी ऑनलाइन मनी गेम्स में किया गया है, जहां पैसे लगाकर खेले जाने वाले सभी गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने नए नियमों के उल्लंघन को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा है। यदि कोई प्लेटफॉर्म लगातार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तीन वर्ष तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं प्रतिबंधित पेड गेम्स का प्रचार या विज्ञापन करने वालों को पांच वर्ष तक की कैद और दो करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
बच्चों और युवाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
नए नियमों में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। अब सभी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए यूजर्स की उम्र का सत्यापन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही माता-पिता को पैरेंटल कंट्रोल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे बच्चों के गेमिंग समय और गतिविधियों पर नजर रख सकें। सरकार का मानना है कि इससे गेमिंग की लत और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
टाइम लिमिट और शिकायत निवारण व्यवस्था अनिवार्य
गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को अब टाइम लिमिट कंट्रोल जैसे फीचर्स देना भी जरूरी होगा, जिससे लगातार लंबे समय तक गेम खेलने पर नियंत्रण लगाया जा सके। इसके अलावा कंपनियों को मजबूत शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना होगा, ताकि यूजर्स की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके और डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब पूरे देश में एक समान नियम लागू
अब तक देश में अलग-अलग राज्यों के अपने अलग गेमिंग कानून थे, जिससे भ्रम और कानूनी विवाद की स्थिति बनी रहती थी। नए केंद्रीय नियम लागू होने के बाद पूरे देश के लिए एक समान व्यवस्था लागू हो गई है। सरकार का मानना है कि इससे गेमिंग उद्योग को स्पष्ट दिशा मिलेगी और लोगों को वित्तीय नुकसान तथा मानसिक दबाव से बचाने में मदद मिलेगी।