श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शादी रचा ली है। यह उनकी दूसरी शादी है। उन्होंने मशहूर पत्रकार निधि राजदान के साथ विवाह किया है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट करके इस जानकारी को साझा किया। राजनीतिक और मीडिया जगत में इस खबर ने चर्चा पैदा कर दी। दोनों की पृष्ठभूमि अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी है। शादी की घोषणा के बाद निधि राजदान की जिंदगी और करियर पर फिर से रोशनी पड़ी है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े दोनों व्यक्तित्वों के मिलन को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
निधि राजदान की पृष्ठभूमि
निधि राजदान का जन्म 11 अप्रैल 1977 को नई दिल्ली में हुआ। वह एक कश्मीरी पंडित परिवार से हैं। उनके पिता महाराज कृष्ण राजदान पीटीआई में एडिटर इन चीफ रहे। माता का नाम सरला राजदान है। परिवार में न्यूज और करेंट अफेयर्स का माहौल होने से निधि को बचपन से ही पत्रकारिता की समझ मिली। जम्मू-कश्मीर से उनका कनेक्शन भी रहा। पहले वह डॉक्टर बनना चाहती थीं लेकिन बाद में मीडिया का रास्ता चुना। पारिवारिक पृष्ठभूमि ने उनके करियर को दिशा दी।
शिक्षा और करियर की शुरुआत
निधि राजदान ने शेख सराय के अपीजय स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद लेडी श्रीराम कॉलेज से बैचलर डिग्री पूरी की। मीडिया में आने के लिए उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान यानी आईआईएमसी से रेडियो और टीवी जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। औपचारिक शिक्षा के बाद टीवी पत्रकारिता में प्रवेश किया। करेंट अफेयर्स और राजनीतिक रिपोर्टिंग में सक्रिय रहीं। पेशेवर तैयारी ने उन्हें प्रमुख न्यूज चैनलों से जोड़ा। करियर की नींव मजबूत शिक्षा पर रखी गई।
पत्रकारिता में उपलब्धियां
निधि राजदान ने कई किताबें भी लिखी हैं जिनमें लेफ्ट राइट एंड सेंटर द आइडिया ऑफ इंडिया महत्वपूर्ण है। जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट से रिपोर्टिंग के लिए उन्हें 2009 में रामनाथ गोयनका अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म मिला। यह सम्मान उनकी गहन रिपोर्टिंग को मान्यता देता है। टीवी पत्रकार के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर किया। लेखन और प्रसारण दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहीं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी पहचान बनी। पुरस्कारों ने उनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया।
हार्वर्ड स्कैम का मामला
निधि राजदान का नाम उस समय चर्चा में आया जब हार्वर्ड विश्वविद्यालय के नाम पर उनके साथ स्कैम हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वह फिशिंग स्कैम का शिकार हुई हैं। उन्हें हार्वर्ड में एसोसिएट प्रोफेसर के पद की फर्जी पेशकश की गई थी। टीवी पत्रकार ने इस मामले में बयान जारी कर सतर्क रहने की अपील की। साइबर ठगी का यह मामला काफी चर्चित रहा। व्यक्तिगत अनुभव को सार्वजनिक कर जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई। स्कैम ने डिजिटल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
व्यक्तिगत रुचियां और अवॉर्ड
निधि राजदान को पालतू जानवरों के साथ समय बिताना पसंद है। पेशेवर व्यस्तता के बीच व्यक्तिगत रुचियां बनाए रखीं। रामनाथ गोयनका अवॉर्ड उनके करियर का प्रमुख सम्मान है। जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर की रिपोर्टिंग ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई। लेखन के जरिए विचारों को अभिव्यक्त किया। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए निजी पसंद को जगह दी। समग्र व्यक्तित्व में पत्रकारिता और व्यक्तिगत रुचियों का संतुलन दिखता है।