उत्तर भारत के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में इस वर्ष अप्रैल का महीना सामान्य से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है। जहां आमतौर पर इस समय गर्मी का असर बढ़ने लगता है, वहीं इस बार लगातार वर्षा, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। नई दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम का यह असामान्य रूप लोगों के लिए हैरानी का कारण बना हुआ है।
पर्वतीय क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण हालात
पर्वतीय राज्यों में स्थिति और भी अधिक गंभीर बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से कश्मीर घाटी में बर्फबारी जारी रहने से सामान्य गतिविधियां बाधित हो रही हैं, वहीं जम्मू क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
यातायात और बुनियादी ढांचे पर असर
लगातार खराब मौसम का असर यातायात व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिला में भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था, जिसे आंशिक रूप से बहाल किया गया है। हालांकि रामबन से बनिहाल के बीच लगातार मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। इसके अतिरिक्त कई अन्य सड़कों के बंद होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
हिमाचल में कृषि और बिजली व्यवस्था प्रभावित
शिमला, सिरमौर और सोलन सहित कई जिलों में भारी ओलावृष्टि ने सेब के बागानों को नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही जौ, मटर और गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है। तेज आंधी और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 73 सड़कें बंद हैं और 884 ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
उत्तराखंड में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा और असर
उत्तराखंड में इस बार अप्रैल में हो रही मूसलधार वर्षा ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। वर्ष 2020 के बाद कई क्षेत्रों में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लगातार वर्षा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है, वहीं धार्मिक यात्राओं की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।
धार्मिक यात्राएं और जनजीवन प्रभावित
खराब मौसम का असर धार्मिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा मौसम के कारण बाधित रही। इसके अलावा कई स्थानों पर भूस्खलन के चलते राजमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग के अनुसार 13 अप्रैल तक मौसम में इसी प्रकार का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को अच्छी तरह सूखने के बाद ही कटाई और भंडारण करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। यह असामान्य मौसम परिवर्तन न केवल वर्तमान परिस्थितियों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि भविष्य के कृषि चक्र पर भी प्रभाव डाल सकता है।