सतना. सतना जिले में उस समय भयावह स्थिति बन गई, जब एक आक्रामक कुत्ते ने अचानक राहगीरों पर हमला करना शुरू कर दिया। व्यस्त बाजार और सड़कों पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और देखते ही देखते कई लोग उसके हमले का शिकार बन गए। घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
एक के बाद एक 40 लोगों को बनाया शिकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ता बेहद आक्रामक अवस्था में था और वह लगातार लोगों पर झपट्टा मार रहा था। करीब 40 से अधिक लोग उसके हमले में घायल हुए, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। अचानक हुई इस घटना से लोग घबराकर इधर-उधर भागते नजर आए और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए दुकानों और घरों में छिप गए।
अस्पताल में अफरा-तफरी, इमरजेंसी पर दबाव
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती भी की।
पीड़ितों की आपबीती ने बढ़ाई चिंता
घायल सुंदर लाल साकेत ने बताया कि वह अपने काम से बाजार जा रहे थे, तभी कुत्ते ने पीछे से हमला कर दिया और पैर में गंभीर चोट पहुंचाई। उन्होंने बताया कि वहां कई अन्य लोग भी घायल अवस्था में पड़े थे, जिन्हें उसी कुत्ते ने काटा था। इस घटना ने आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।
रेबीज का खतरा और डॉक्टरों की चेतावनी
जिला अस्पताल के प्रशासक ने बताया कि एक ही कुत्ते द्वारा इतने लोगों को काटे जाने का मामला अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, और समय पर इलाज न मिलने पर इसके परिणाम घातक हो सकते हैं। सभी घायलों को वैक्सीन दी जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
इस घटना ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर से उजागर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को कैसे रोका जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नागरिकों में बढ़ते डर को देखते हुए ठोस और त्वरित कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
सतर्कता ही बचाव का उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी जानवर के असामान्य व्यवहार से दूरी बनाए रखना और काटने की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है। समय पर उपचार ही इस तरह के खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।