वाराणसी - धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा नदी से एक विशाल शिवलिंग मिलने की खबर ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। गंगा के उस पार स्थित सूजाबाद क्षेत्र के शक्ति घाट के पास नाविकों के जाल में एक भारी-भरकम शिवलिंग फंस गया, जिसके बाद इसे बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
नाविकों के जाल में फंसा विशाल शिवलिंग
जानकारी के अनुसार, शक्ति घाट से करीब 200 मीटर दूर गंगा नदी में मछली पकड़ने के दौरान नाविकों के जाल में यह शिवलिंग फंस गया। शुरुआत में नाविकों को लगा कि जाल में कोई भारी वस्तु फंस गई है, लेकिन काफी प्रयास के बाद जब उसे बाहर निकाला गया तो वह एक विशाल शिवलिंग निकला।
दो क्विंटल से अधिक वजन होने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवलिंग का वजन करीब दो क्विंटल है। इसे नदी से बाहर निकालने और किनारे तक पहुंचाने के लिए 10 से 15 लोगों को एक साथ मेहनत करनी पड़ी। फिलहाल शिवलिंग को सूजाबाद स्थित गंगा मंदिर के बाहर अस्थायी रूप से रखा गया है, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है।
2500 साल पुराना होने का दावा
शिवलिंग की बनावट और पत्थर की संरचना को देखकर कुछ लोगों का दावा है कि यह लगभग 2500 वर्ष पुराना हो सकता है। वहीं कुछ स्थानीय लोग इसे मौर्य साम्राज्य काल से जुड़ा मान रहे हैं। हालांकि इसकी वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुरातत्व जांच का इंतजार
विशेषज्ञों का मानना है कि शिवलिंग की उम्र और ऐतिहासिक महत्व का सही आकलन पुरातात्विक जांच के बाद ही संभव होगा। फिलहाल यह धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धालुओं में बढ़ी आस्था
गंगा से शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कई लोग इसे आस्था से जोड़कर "महादेव के प्रकट होने" की घटना मान रहे हैं, जबकि इतिहासकार और विशेषज्ञ इसके वैज्ञानिक एवं पुरातात्विक अध्ययन की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।