नोएडा. उत्तर प्रदेश अब केवल औद्योगिक निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना भी बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश और रोजगार आधारित नीतियों का असर अब जमीन पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी अडोबी ने दिल्ली-एनसीआर के नोएडा में अपना नया कार्यालय खोलने की घोषणा की है। यह कंपनी का भारत में सातवां और उत्तर प्रदेश में तीसरा कार्यालय होगा, जिससे प्रदेश की औद्योगिक छवि को नया आयाम मिला है।
सेक्टर-129 में बनेगा हाईटेक कार्यस्थल
अडोबी का नया दफ्तर नोएडा के सेक्टर-129 स्थित मैक्स स्क्वायर परिसर में स्थापित किया गया है। कंपनी ने यहां लगभग 1.58 लाख वर्ग फुट क्षेत्र लीज पर लिया है। यह परिसर अत्याधुनिक तकनीकों और आधुनिक कार्यसंस्कृति को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। कंपनी के अनुसार यहां इंजीनियरिंग, ग्राहक सेवा और एआई आधारित तकनीकी कार्यों से जुड़े 700 से अधिक कर्मचारी एक साथ काम करेंगे। इससे नोएडा की पहचान एक बड़े डिजिटल और इनोवेशन सेंटर के रूप में और मजबूत होगी।
एआई और इनोवेशन पर रहेगा विशेष फोकस
अडोबी इंडिया के कंट्री मैनेजर अभिज्ञान मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से एआई और एजेंटिक टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है और अडोबी इस परिवर्तन के केंद्र में खड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी की टीमें भविष्य की तकनीकों को विकसित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। नोएडा का नया कार्यालय केवल एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि इनोवेशन और क्रिएटिविटी को नई दिशा देने वाला केंद्र बनेगा। कंपनी का मानना है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी विकास का प्रमुख इंजन बनकर उभरेगा।
पर्यावरण और आधुनिकता का अनूठा संगम
अडोबी ने अपने नए कार्यालय को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। यह इमारत आईजीबीसी प्लैटिनम प्रमाणित है और इसमें ऊर्जा बचाने वाली प्रणालियों, टिकाऊ निर्माण तकनीकों और हरित डिज़ाइन का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने की कोशिश की है, जहां आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर कार्य-संतुलन भी सुनिश्चित हो सके। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब बहुराष्ट्रीय कंपनियां केवल कारोबार ही नहीं, बल्कि सतत विकास को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
1997 से भारत में बढ़ता गया अडोबी का दायरा
अडोबी ने वर्ष 1997 में भारत में अपने संचालन की शुरुआत एक इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास केंद्र के रूप में की थी। पिछले लगभग तीन दशकों में भारत कंपनी के वैश्विक इनोवेशन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। वर्तमान में कंपनी के साथ देशभर में 8 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। खास बात यह है कि अमेरिका के बाहर भारत अडोबी का सबसे बड़ा कार्यबल केंद्र बन गया है और कंपनी के कुल वैश्विक इनोवेशन में भारत का योगदान एक-तिहाई से अधिक हो चुका है।
निवेश और रोजगार के नए युग की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि अडोबी जैसी वैश्विक कंपनी का नोएडा में विस्तार उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अन्य विदेशी कंपनियों का भरोसा भी मजबूत होगा। योगी सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल माहौल पर काम कर रही है, जिसका परिणाम अब बड़े निवेश के रूप में सामने आने लगा है। आने वाले समय में नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब के रूप में उभर सकते हैं।