लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की करीब 225 सीटों पर अपने उम्मीदवार बदल सकती है। अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है जब सभी राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक समीक्षा में जुटे हुए हैं।
225 सीटों पर प्रत्याशी बदलने का दावा
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीजेपी कई सीटों पर अपने मौजूदा विधायकों और संभावित उम्मीदवारों को बदलने की तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोकसभा क्षेत्रों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा या जहां पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा, वहां विधानसभा चुनाव से पहले टिकटों में बड़े स्तर पर बदलाव हो सकता है। सपा प्रमुख के अनुसार, यह संख्या करीब 225 सीटों तक पहुंच सकती है।
प्रयागराज की सीटों का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रयागराज की सभी विधानसभा सीटों पर भी उम्मीदवार बदले जाने की चर्चा है। उनका दावा है कि बीजेपी को लग रहा है कि कई विधायक जनता के बीच काम करने के बजाय केवल निजी लाभ में लगे रहे, जिसका असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि यही फॉर्मूला उन क्षेत्रों में भी लागू किया जा रहा है जहां इंडिया गठबंधन को सफलता मिली थी।
बीजेपी विधायकों पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी के कई मौजूदा विधायक जनता के बीच बढ़ते असंतोष को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई विधायक चुनाव लड़ने से भी बचना चाहते हैं क्योंकि उन्हें अपनी जीत की संभावना कम नजर आ रही है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि कई जनप्रतिनिधि अपनी कमाई को चुनाव में खर्च करने के बजाय भविष्य के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं।
PDA की ताकत का किया दावा
अखिलेश यादव ने एक बार फिर PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीए को लगातार समर्थन मिल रहा है और यही वजह है कि बीजेपी के भीतर बेचैनी बढ़ रही है। सपा प्रमुख का दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पीडीए बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा और जनता सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मतदान करेगी।
कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई को बनाया मुद्दा
अपने बयान में अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर कई मोर्चों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, जमीन कब्जाने की घटनाएं और अपराध बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं का भविष्य खतरे में है और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर जनता में व्यापक नाराजगी है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि बीजेपी की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन 225 सीटों पर उम्मीदवार बदले जाने की टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सभी दल अपनी रणनीतियों को और धार देने में जुट जाएंगे।