अयोध्या- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले की जांच अब और तेज होने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) जल्द ही दोबारा अयोध्या पहुंच सकता है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम अतिरिक्त दस्तावेजों की जांच करेगी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों सहित दान प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
जांच के लिए फिर अयोध्या पहुंचेगी SIT
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। इसके बाद जांच पूरी करने के लिए टीम का कार्यकाल 15 दिन बढ़ाया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था में खामियों की भी जांच
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नकद चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के कई बार उल्लंघन के संकेत मिले हैं। एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि क्या सुरक्षा और निगरानी में कमी की वजह से कथित गबन की घटना संभव हुई।
वित्तीय जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों, आय, निवेश, चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए आयकर विभाग, बैंकों, तहसील और उप-पंजीयक कार्यालयों से विवरण मांगा है। जांच एजेंसियां अयोध्या के बाहर मौजूद संभावित संपत्तियों और रिश्तेदारों के नाम पर किए गए निवेश की भी पड़ताल कर रही हैं।
80 लाख रुपये बरामद, कई लोगों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान अब तक करीब 80 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। बाद की तलाशी में नकदी और आभूषण भी जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें मंदिर में चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने दो आरोपियों की सात दिन की रिमांड भी मांगी है, जिस पर अदालत 14 जुलाई को सुनवाई करेगी।
सुरक्षा व्यवस्था में किया गया बदलाव
मामले के सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर प्रशासन ने वीवीआईपी पास व्यवस्था में भी बदलाव किया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों के पहचान-पत्र निष्क्रिय किए जाने के बाद उनके माध्यम से जारी सभी विशेष प्रवेश पास स्वतः अमान्य हो गए हैं। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।