मेरठ - उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक चौंकाने वाला वैवाहिक विवाद सामने आया है, जिसमें हनीमून पर पति द्वारा पूरे परिवार को साथ ले जाने का फैसला अब रिश्ते टूटने की वजह बन गया है। यह मामला अब परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच चुका है और तीन बार काउंसलिंग के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका है।
हनीमून पर पति ले गया पूरा परिवार
पीड़िता पत्नी का आरोप है कि शादी के बाद पति उसे हनीमून पर लेकर गया, लेकिन यह यात्रा केवल दोनों के बीच नहीं रही। पति ने अपनी मां, पिता, बहन और भाई सहित पूरे परिवार को साथ ले लिया। पत्नी का कहना है कि हनीमून पति-पत्नी के निजी समय का अवसर होता है, लेकिन परिवार के साथ होने के कारण उसे अपने पति के साथ अकेले समय बिताने का मौका ही नहीं मिला।
पत्नी की नाराजगी से शुरू हुआ विवाद
इस घटना के बाद पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ने लगा। पत्नी ने इसे अपनी भावनाओं की अनदेखी बताया और कहा कि इससे उसका हनीमून अनुभव पूरी तरह खराब हो गया। वहीं पति का तर्क है कि उसने परिवार को साथ लेकर कोई गलत काम नहीं किया, बल्कि सभी को साथ लेकर खुश रखने की कोशिश की। विवाद बढ़ने के बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा, जहां दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की जा रही है। काउंसलरों द्वारा अब तक तीन बार सुनवाई की जा चुकी है, लेकिन दोनों के विचारों में कोई सहमति नहीं बन पाई है।
दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े
काउंसलिंग के दौरान पत्नी अपने निजी समय और वैवाहिक अधिकारों की बात पर अड़ी हुई है, जबकि पति अपने पारिवारिक फैसले को सही ठहरा रहा है। इसी वजह से मामला लगातार उलझता जा रहा है और समाधान की संभावना कमजोर होती दिख रही है। लगातार मतभेद के कारण यह मामला अब तलाक की स्थिति तक पहुंच गया है। परिवार परामर्श केंद्र के प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष किसी समझौते के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं, जिससे रिश्ता टूटने की आशंका बढ़ गई है।
समाज में चर्चा का विषय बना मामला
यह विवाद अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे निजी जीवन और पारिवारिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन की कमी बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे रिश्तों में संवाद की कमी का परिणाम मान रहे हैं।