लखनऊ- मेरठ की चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि मामले के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित करने तथा विवेचना में किसी भी तरह की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
परिवार को न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें कानून के तहत कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
5 लाख की आर्थिक सहायता और आवास की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। इसके अलावा मृतका के पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने का भी निर्देश जारी किया।
सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार का आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या है पूरा मामला?
20 वर्षीय ललिता गौतम मेरठ की एक कॉलेज छात्रा थीं। वह 15 मई 2026 को बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। अगले दिन उनका शव रोहता क्षेत्र के एक गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। इस घटना के बाद पूरे मेरठ में विरोध प्रदर्शन हुए और मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच और कार्रवाई पर प्रशासन की जवाबदेही और बढ़ गई है।