मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रेलवे स्टेशन के सामने बुधवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। स्टेशन के गेट नंबर-2 के सामने स्थित विनायक गेस्ट हाउस और दास गेस्ट हाउस आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग के आसपास करीब 50 दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट मौजूद थे, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग की गंभीरता को देखते हुए रेलवे स्टेशन रोड का ट्रैफिक भी डायवर्ट करना पड़ा।
दोनों गेस्ट हाउस पूरी तरह जले, समय रहते बाहर निकले लोग
एसपी सिटी रणविजय सिंह के मुताबिक आग में विनायक गेस्ट हाउस और दास गेस्ट हाउस बुरी तरह जल गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दोनों इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त दोनों गेस्ट हाउस में कई यात्री और परीक्षा देने आए छात्र ठहरे हुए थे। आग लगते ही लोगों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि लोगों को समय रहते इमारत से बाहर निकाल लिया गया। इस वजह से हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, बाहर निकलने की जल्दबाजी में लोग अपना सामान कमरों में ही छोड़ गए। आग बुझने के बाद जब लोग वापस पहुंचे तो उनका सामान पूरी तरह जल चुका था।
रात 12 बजे लगी आग, PCO और आसपास की दुकानों तक पहुंचा खतरा
जानकारी के मुताबिक बुधवार रात करीब 12 बजे विनायक गेस्ट हाउस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने गेस्ट हाउस के नीचे स्थित PCO को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास में स्थित दास गेस्ट हाउस तक भी पहुंच गईं। दोनों गेस्ट हाउस के आसपास बड़ी संख्या में दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट मौजूद हैं। करीब 50 दुकानों तक आग पहुंचने का खतरा पैदा हो गया था। आग बढ़ती देख आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर इलाके में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया।
यात्रियों का लाखों का सामान खाक, छात्र का आई-कार्ड भी जला
आग की चपेट में आने से गेस्ट हाउस में ठहरे यात्रियों का कीमती सामान जलकर राख हो गया। लोगों के कपड़े, नगदी, पहचान पत्र और दूसरे जरूरी दस्तावेज आग में जल गए। फैजाबाद से मुरादाबाद परीक्षा देने आया एक छात्र भी गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था। छात्र ने बताया कि आग में उसका आई-कार्ड, पैसे और कपड़े समेत जरूरी सामान जल गया। समय रहते वह इमारत से बाहर निकल गया, लेकिन सामान निकालने का मौका नहीं मिला। आग की वजह से कई यात्रियों के सामने अब नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। खासकर परीक्षा देने आए छात्रों के लिए पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज जलना बड़ी समस्या बन गया है। घटना के बाद पीड़ित लोग अपने नुकसान का जायजा लेते नजर आए।
8 दमकल गाड़ियों ने करीब 2 घंटे में पाया आग पर काबू
आग की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग की करीब 8 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। 30 से ज्यादा फायर फाइटर्स ने लगातार आग बुझाने का काम किया। दमकल कर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने की कोशिश की। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों की तत्परता से आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। इससे रेलवे स्टेशन रोड पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। आग बुझने के बाद भी दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी की।
शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? आग लगने की वजह की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अग्निशमन विभाग ने अभी आग लगने की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के मुताबिक अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी यात्री की जलती बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली से तो आग नहीं लगी। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटा रही हैं। आग लगने के दौरान गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और दोबारा आग लगने की किसी भी संभावना को रोकना है।