नोएडा: नोएडा के मामूरा इलाके में 27 जुलाई को हुई महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुभाष चंद्र ने साथ रह रही 38 वर्षीय महिला की गला दबाकर हत्या की थी। हत्या के बाद पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। वारदात के बाद उसने अपनी पत्नी कांति देवी को फोन किया और वापस साथ रहने का दबाव बनाया। पत्नी के इनकार करने पर आरोपी ने उसे भी जान से मारने जैसी धमकी दी। धमकी से घबराई पत्नी 20 अगस्त को फेज-3 थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और 27 दिन बाद आरोपी तक पहुंच गई।
बाइक से शव ले गए, फिर पिकअप से नहर में फेंका
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद सुभाष ने अपने चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को मौके पर बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पहले शव को बाइक पर इस तरह ले जाया गया कि रास्ते में देखने वालों को महिला के बीमार होने का शक हो। इसके बाद शव को पिकअप वाहन में रखा गया। आरोपी और उसके साथियों ने शव को दादरी के पास कोट नहर में फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात के बाद अपना पिकअप वाहन मामूरा में मिठाई की दुकान के पास खड़ा कर दिया था। बाद में वह किराये का कमरा खाली कर फिरोजाबाद चला गया।
31 जुलाई को मथुरा में मिला था महिला का शव
हत्या के बाद महिला का शव नहर में बहते हुए मथुरा तक पहुंच गया था। 31 जुलाई को मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में जरारा और रसिकंदरपुर गांव के पास नहर से महिला का शव बरामद किया गया था। शव मिलने के बाद पुलिस उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान नोएडा पुलिस को महिला की हत्या से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला। आरोपी की पत्नी की शिकायत के बाद जांच को दिशा मिली। पुलिस ने फोन कॉल और अन्य तथ्यों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। पूछताछ में सुभाष ने हत्या की बात कबूल कर ली।
अवैध संबंध के शक में महिला की हत्या
पुलिस पूछताछ में 32 वर्षीय सुभाष ने हत्या की वजह को लेकर बड़ा खुलासा किया। आरोपी ने बताया कि उसे शक था कि उसके साथ रह रही महिला के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद सुभाष ने महिला का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने अपने दो रिश्तेदारों को बुलाया और शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे अवैध संबंध का शक मुख्य वजह सामने आया है। मामले में पुलिस अब हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
शादी के दो साल बाद पत्नी को छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहने लगा
पुलिस जांच में आरोपी के पारिवारिक विवाद का भी पता चला है। कांति देवी की शादी वर्ष 2013 में सुभाष चंद्र से हुई थी। शादी के करीब दो साल बाद सुभाष ने पत्नी को छोड़ दिया था। इसके बाद वह हजारीबाग, बिहार की रहने वाली दूसरी महिला के साथ रहने लगा। वर्ष 2021 में कांति देवी ने शादी से जुड़े दस्तावेज तैयार कर एटा कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर किया था। यह मामला अभी विचाराधीन बताया जा रहा है। इसी बीच सुभाष लगातार अपनी पत्नी से दोबारा साथ रहने के लिए दबाव बना रहा था।
शराब के नशे में पत्नी को फोन कर दी धमकी
हत्या के बाद सुभाष ने अपनी पत्नी कांति देवी को फोन किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी उस समय शराब के नशे में था। उसने पत्नी से कहा कि उसे उसकी याद आ रही है और वह वापस आकर उसके साथ रहे। उसने पत्नी से तलाक का मुकदमा वापस लेने के लिए भी कहा। जब कांति देवी ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया तो आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर वह साथ नहीं रहेगी तो उसे भी वहीं भेज देगा, जहां दूसरी महिला चली गई है। इस धमकी के बाद पत्नी को दूसरी महिला की हत्या का शक हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
आरोपी समेत तीन लोग गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुभाष चंद्र के साथ उसके चचेरे भाई सर्वेंद्र और बहनोई नीरज को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में आरोपी की मदद की थी। तीनों से पूछताछ कर पुलिस वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश पहले से बनाई गई थी या विवाद के बाद अचानक महिला की हत्या की गई। फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और शव ठिकाने लगाने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है।