देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने आज प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक में पहाड़ी दरकने से सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। वहीं उत्तरकाशी में यमुना के तेज बहाव में फंसे एक श्रमिक को पुलिस, फायर सर्विस और SDRF की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।
इन 6 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।इन जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका बनी हुई है। लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है।वहीं, अलर्ट के बीच टिहरी में भी हल्की बारिश जारी है।
पौड़ी में पहाड़ी दरकी, सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त
लगातार हो रही बारिश का असर पौड़ी जिले में भी देखने को मिला। बीरोंखाल ब्लॉक के मैठाणाघाट–ग्वीन–रसियादेव मोटरमार्ग पर रविवार को पहाड़ी दरक गई।भीषण भूस्खलन की वजह से सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क को खोलने के लिए आवश्यक कार्रवाई में जुटे हैं।
उत्तरकाशी में यमुना के तेज बहाव में फंसा श्रमिक
उत्तरकाशी में भी बारिश और नदी के तेज बहाव के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। खरादी झूला पुल के पास यमुना नदी के तेज बहाव में एक श्रमिक फंस गया।सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने रस्सियों की मदद से श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन से श्रमिक की जान बच गई।
बारिश और भूस्खलन से 80 सड़कें बंद
प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य में फिलहाल कुल 80 सड़कें बंद बताई जा रही हैं।
2 स्टेट हाईवे
1 मुख्य जिला मार्ग
12 PWD सड़कें
55 PMGSY/RWD सड़कें
सड़कों के बंद होने से कई पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। पहाड़ी मार्गों पर लगातार भूस्खलन की घटनाओं के कारण यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है। भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में सड़क पर मलबा आने और रास्ता अचानक बंद होने की स्थिति बन सकती है।ऐसे में यात्रियों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने तथा बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।