MP Weather Update 23 August 2026: मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ इलाकों में धीमी जरूर है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश का दौर दोबारा तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश में अब तक औसत से करीब 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है, जबकि कई जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 24 अगस्त से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसकी वजह सक्रिय लो प्रेशर एरिया को माना जा रहा है। आने वाले पांच दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से लेकर अति भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।
मध्यप्रदेश में अब तक 24.79 इंच बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 24.79 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 27.84 इंच है। यानी प्रदेश में अभी सामान्य से लगभग 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई है तो कुछ इलाकों में सामान्य से काफी कम पानी गिरा है। यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
बुरहानपुर में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश
बारिश के मामले में बुरहानपुर की स्थिति फिलहाल प्रदेश के कई जिलों से बेहतर है। यहां सामान्य की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं दूसरी ओर मैहर में बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले में सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। यानी एक ही राज्य के दो जिलों के बीच बारिश के आंकड़ों में काफी बड़ा अंतर है।
भोपाल में इंदौर और उज्जैन से बेहतर स्थिति
राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां अब तक सामान्य से करीब 7 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इस लिहाज से भोपाल की स्थिति इंदौर और उज्जैन की तुलना में बेहतर बताई जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के साथ इन क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में 8% बारिश की कमी
पूर्वी मध्यप्रदेश में अब तक 717.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 776.5 मिलीमीटर मानी जाती है। इस हिसाब से पूर्वी हिस्से में बारिश लगभग 8 प्रतिशत कम है। फिर भी पश्चिमी मध्यप्रदेश के मुकाबले पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर बनी हुई है। आने वाले दिनों में लो प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी जिलों में बारिश और बढ़ सकती है।
पश्चिमी MP में 14% कम बारिश
पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा है। यहां अभी तक करीब 562.2 मिलीमीटर पानी गिरा है, जबकि सामान्य आंकड़ा 654.1 मिलीमीटर है। इस तरह पश्चिमी हिस्से में बारिश करीब 14 प्रतिशत कम रही है। मौसम में आने वाले बदलाव के बाद इस कमी को कुछ हद तक पूरा होने की उम्मीद है।
24 अगस्त से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 24 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश में निम्न से मध्यम स्तर के बादल सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में अति भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
23 से 28 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसम
23 अगस्त सुबह से 24 अगस्त सुबह तक
इस दौरान डिंडौरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और पांढुर्णा में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, मंडला, निवाड़ी और मैहर में भी गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है।
24 से 25 अगस्त के बीच
डिंडौरी और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। यहां गरज-चमक के साथ करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, दमोह, सागर, छतरपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बाकी कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा का दौर देखने को मिल सकता है।
25 से 26 अगस्त के बीच
इस दिन नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह और सागर में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं सीहोर, हरदा, रायसेन, बैतूल, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पांढुर्णा में भारी बारिश की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
26 से 27 अगस्त के बीच
नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की चेतावनी है। इसके साथ ही रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, गुना, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में भारी बारिश होने की संभावना है। भोपाल सहित प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है।
27 से 28 अगस्त के बीच
इस दौरान नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और डिंडौरी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा?
आने वाले दिनों में खास तौर पर पूर्वी और मध्य मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। नर्मदापुरम, बैतूल, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत होगी।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का यह बदलाव
मानसून की बारिश में इस तरह का उतार-चढ़ाव खेती के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। जिन इलाकों में बारिश सामान्य से कम हुई है, वहां आने वाले दिनों की बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।
मौसम खराब होने पर इन बातों का रखें ध्यान
गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर है। बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के खंभों व तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। तेज हवा के दौरान खुले में रखी हल्की वस्तुओं और कृषि सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखना भी जरूरी है। बारिश के दौरान नदी, नाले या तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचना चाहिए।