जबलपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से दो वर्षीय प्राथमिक शिक्षा डिप्लोमा (DPI) करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने IGNOU के DPI को D.Ed और D.El.Ed के समकक्ष मान्यता देने के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने DPI की समकक्षता को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद IGNOU से DPI करने वाले अभ्यर्थियों के लिए सरकारी विभागों में सीधी नियुक्ति और पदोन्नति का रास्ता साफ होने की बात सामने आई है।
2013 में सरकार ने दी थी DPI को मान्यता
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि मध्यप्रदेश सरकार ने 28 फरवरी 2013 को माध्यमिक शिक्षक भर्ती नियमों से संबंधित आदेश जारी किया था। इस आदेश में IGNOU से किए गए DPI को D.Ed और D.El.Ed के समकक्ष मान्यता दी गई थी। इसके बाद इसी मान्यता के आधार पर DPI धारकों की शैक्षणिक योग्यता को शिक्षक भर्ती और अन्य सेवा संबंधी मामलों में स्वीकार किया जाता रहा।
सरकार नहीं पेश कर सकी ठोस दस्तावेज
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी और अभिषेक मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि सुनवाई के दौरान सरकार 28 फरवरी 2013 के आदेश को वापस लेने या समाप्त करने संबंधी कोई ठोस आदेश अथवा दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। अदालत के समक्ष यह भी स्पष्ट नहीं किया जा सका कि DPI को D.Ed और D.El.Ed के समकक्ष दी गई मान्यता को किस आधार पर समाप्त किया गया था।
तीन याचिकाएं हुईं खारिज
IGNOU के DPI की समकक्षता को चुनौती देते हुए तीन याचिकाएं दायर की गई थीं। हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए DPI धारकों के पक्ष में महत्वपूर्ण राहत दी। फैसले से IGNOU से प्राथमिक शिक्षा का दो वर्षीय डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी सेवा में अवसर और सेवा संबंधी लाभ मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
DPI धारकों के लिए क्यों अहम है फैसला?
हाईकोर्ट के फैसले का असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है जिन्होंने IGNOU से DPI किया है और जिन्हें D.Ed या D.El.Ed के समकक्ष योग्यता को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब नियुक्ति और प्रमोशन से जुड़े मामलों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी विशेष भर्ती या पद के लिए पात्रता तय करते समय संबंधित भर्ती नियम, विज्ञापन और लागू शैक्षणिक योग्यता की शर्तें भी देखना जरूरी होगा।