उज्जैन। उज्जैन जिले में स्वाइन फ्लू का एक और मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। खाचरौद तहसील निवासी 66 वर्षीय बुजुर्ग में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उज्जैन के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां जांच के दौरान संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद मरीज को शासकीय जिला चिकित्सालय के चरक भवन में शिफ्ट किया गया।
आइसोलेशन वार्ड में चल रहा इलाज
स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद मरीज को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। शासकीय चिकित्सकों ने भी जांच कर संक्रमण की पुष्टि की है। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें पहले से कुछ पुरानी बीमारियां हैं। इसी वजह से चिकित्सकों की टीम उनकी विशेष निगरानी कर रही है। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलीकर के मुताबिक मरीज रात करीब 8 बजे अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद उन्हें तत्काल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया।
चरक भवन में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड
स्वाइन फ्लू को देखते हुए चरक भवन में मरीजों के उपचार के लिए 10 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा इलाज के लिए दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन मरीज की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उज्जैन में स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उज्जैन में यह स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला है। इससे करीब तीन दिन पहले ऋषिनगर क्षेत्र की एक महिला की इंदौर में उपचार के दौरान स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। अब खाचरौद के 66 वर्षीय बुजुर्ग में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन सतर्क है।
डॉक्टरों ने लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलीकर ने लोगों से घबराने और पैनिक करने से बचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू मौसमी फ्लू का ही एक रूप है, लेकिन लक्षण दिखाई देने पर समय पर उपचार लेना जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना जरूरी है। शुरुआती स्तर पर उपचार मिलने से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।