नई दिल्ली: त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों और बाजार में कृत्रिम कमी की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब समेत कई राज्यों में थोक चीनी डीलरों के स्टॉक की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने थोक डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक लिमिट तय की है। वहीं चीनी की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति की निगरानी के लिए 10 केंद्रीय टीमें अलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगी।
20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच बढ़े चीनी के दाम
देशभर में हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई को चीनी का भाव 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो 20 अगस्त को बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। कई शहरों में खुदरा बाजार में चीनी की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबर है। बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने स्टॉक की निगरानी और कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
400 टन से ज्यादा स्टॉक रखने पर होगी कार्रवाई
केंद्र सरकार ने चीनी डीलरों के लिए 30 नवंबर तक 400 टन की स्टॉक लिमिट लागू की है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब समेत संबंधित राज्यों को इस सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खरीदी गई चीनी को 15 से 30 दिनों से अधिक समय तक स्टॉक करके रखने पर भी रोक संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं।
हर शुक्रवार देना होगा स्टॉक का ब्योरा
चीनी कारोबारियों को अपने पास उपलब्ध स्टॉक की जानकारी खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके अलावा हर शुक्रवार स्टॉक की जानकारी अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। अगर गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक और ऑनलाइन दर्ज आंकड़ों में अंतर पाया जाता है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी रोकने के लिए 10 केंद्रीय टीमें करेंगी जांच
केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त टीमें चीनी मिलों और कारोबारियों के स्टॉक का सत्यापन कर रही हैं। इसके साथ ही 10 केंद्रीय टीमें अलग-अलग राज्यों का दौरा कर जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच करेंगी। थोक विक्रेताओं, डीलरों और अन्य कारोबारियों के यहां औचक निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं।
बागपत में चीनी गोदाम पर छापा
सरकार के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जांच शुरू कर दी गई है। बागपत में चीनी के एक गोदाम पर छापेमारी की गई। वहीं बरेली और नोएडा में जिलाधिकारियों ने भी चीनी के स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की है।
यूपी में CM योगी ने की चीनी आपूर्ति की समीक्षा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और आपूर्ति की समीक्षा की। सरकार ने लोगों से परेशान नहीं होने की अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश में चीनी की कमी नहीं है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी संबंधित विभागों ने चीनी के स्टॉक की जांच शुरू कर दी है।
10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात के बाद नरमी
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच सरकार के 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात करने के फैसले के बाद बाजार में कुछ नरमी देखने को मिल रही है। कर्नाटक और महाराष्ट्र की चीनी मिलों ने कीमतों में करीब 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती की है। शनिवार को कई बाजारों में चीनी 6,450 से 6,600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी। एक दिन में कीमतों में करीब 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट भी दर्ज की गई। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के कारण घरेलू बाजार में भाव जल्द पुराने स्तर पर लौटना मुश्किल हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें करीब 18 महीने के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।