लखनऊ - उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। राज्य के 52 प्रमुख नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष और सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस सूची में 11 कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं।
अखिलेश और मायावती समेत ये नाम शामिल
बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वाले प्रमुख नेताओं में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सुभासपा अध्यक्ष एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा अपर्णा यादव, रामपुर के विधायक आकाश सक्सेना, भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा समेत कई अन्य नेताओं को भी इस सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में मंत्री जयवीर सिंह और स्वतंत्र देव सिंह समेत अन्य नेताओं के नाम भी बताए गए हैं।
11 मंत्रियों को भी मिला सुरक्षा कवच
रिपोर्टों के अनुसार, बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार के 11 मंत्री शामिल हैं। इनमें संजय निषाद, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और ओम प्रकाश राजभर जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। अपर्णा यादव समेत कई अन्य राजनीतिक चेहरों को भी सुरक्षा कवच दिया गया है।
दिनेश शर्मा बोले- पार्टी नहीं, खतरा देखा जाता है
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने सरकार की सुरक्षा नीति का बचाव करते हुए कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उनके मुताबिक, सुरक्षा देने के फैसले में किसी नेता की पार्टी या विचारधारा नहीं देखी जाती, बल्कि संभावित खतरे का आकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, मायावती और भाजपा के नेताओं को जहां खतरे का आकलन हुआ, वहां सरकार ने सुरक्षा बढ़ाई है। शर्मा के मुताबिक, यही सुशासन और संवेदनशील सरकार की पहचान है।
‘अपराधी को संरक्षण नहीं, जनप्रतिनिधि की सुरक्षा’
दिनेश शर्मा ने कहा कि योगी सरकार की नीति अपराधियों को संरक्षण देने की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का फैसला राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की सुरक्षा जरूरत के आधार पर किया जाता है।
‘जाति-धर्म और दल के आधार पर भेदभाव नहीं’
भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार सुरक्षा के मामले में पार्टी, विचारधारा, जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को वास्तविक खतरा है, उसकी सुरक्षा मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सुरक्षा पर राजनीति करने वालों को भी निशाने पर लिया और कहा कि सरकार राजनीति नहीं, बल्कि संभावित खतरे का आकलन करती है।
जैकेट की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये
रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा मुख्यालय ने इन विशेष बुलेटप्रूफ जैकेटों की खरीद की है और प्रत्येक जैकेट की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये बताई जा रही है। यह जैकेट मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के तौर पर दी जा रही हैं।
पूरी सूची अभी सार्वजनिक नहीं
हालांकि 52 नेताओं को जैकेट दिए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में सभी 52 नेताओं के नामों की पूरी आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल उन्हीं नेताओं के नाम सामने आए हैं, जिनका उल्लेख विभिन्न रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से किया गया है।