नई दिल्ली - दिल्ली-एनसीआर में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अगस्त की शुरुआत में दिल्ली में H1N1 के 1,344 मामले सामने आए थे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले दर्ज हुए थे। हालांकि, ताजा आंकड़ों में 21 अगस्त तक दिल्ली में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है।
अस्पतालों में बढ़े फ्लू जैसे मरीज
दिल्ली-एनसीआर के कई अस्पतालों में बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों के मुताबिक मानसून के दौरान नमी और बदलते मौसम में श्वसन संक्रमण बढ़ सकते हैं। कुछ अस्पतालों में H1N1 के मरीजों में तेज बढ़ोतरी भी देखी जा रही है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण?
H1N1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और नाक बहना शामिल हो सकते हैं। कई बार इसके लक्षण दूसरी वायरल बीमारियों से मिलते-जुलते हैं, इसलिए लगातार या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
इन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, डायबिटीज, COPD, हृदय या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों में संक्रमण के गंभीर होने का खतरा अधिक हो सकता है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, ऑक्सीजन का स्तर गिरना या हालत लगातार बिगड़ना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें?
भीड़भाड़ वाली जगहों या खराब वेंटिलेशन वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल, हाथों की नियमित सफाई और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंकना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है। फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी है।
नोट: H1N1 के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और उपचार से मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन हाई-रिस्क लोगों में सावधानी और समय पर चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण है।
