रीवा।मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ और जलभराव के हालात बन गए हैं। रीवा में बीहर नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। गुढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह का नदी किनारे स्थित मकान भी बाढ़ के पानी से घिर गया। घर की पहली मंजिल में पानी भरने के बाद विधायक परिवार समेत दूसरी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं और करीब 24 घंटे घर से बाहर नहीं निकल पाए। हालांकि बाद में उन्हें बाहर निकाल लिया गया।
बीहर नदी का जलस्तर बढ़ा, विधायक का घर भी घिरा
रीवा और आसपास के जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण बीहर नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। बीहर नदी के तट से कुछ दूरी पर बना विधायक नागेंद्र सिंह का मकान भी पानी से घिर गया है। मकान के निचले हिस्से में पानी भरने के बाद पहली मंजिल भी प्रभावित हुई है। सुरक्षा को देखते हुए विधायक अपने परिवार के साथ दूसरी मंजिल पर चले गए थे,बाद में उन्हें निकाल लिया गया।
पहले भी बाढ़ में घिर चुका है विधायक का घर
बताया जा रहा है कि विधायक का मकान पहले भी बाढ़ के दौरान जलमग्न हो चुका है। पिछले साल विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा था कि यह चौथी बार है जब उनका घर बाढ़ के पानी से घिरा है। उन्होंने उस समय करीब दो लाख रुपए के नुकसान की बात कही थी। विधायक ने रीवा में बार-बार होने वाले जलभराव के लिए शहर की जल निकासी व्यवस्था और बायपास निर्माण को भी जिम्मेदार बताया था।
विधायक ने जल निकासी व्यवस्था पर उठाए थे सवाल
पिछले साल विधायक ने कहा था कि रीवा के चारों तरफ बायपास बनने के बाद पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने पुराने पुलों और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे। विधायक के मुताबिक 2016 में बाढ़ की समस्या को लेकर सर्वे और विशेषज्ञों की रिपोर्ट तैयार की गई थी, लेकिन उस रिपोर्ट पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस ने विधायक पर लगाए अतिक्रमण के आरोप
बाढ़ और जलभराव के बीच कांग्रेस ने भाजपा विधायक पर नदी क्षेत्र में अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने कहा कि शहर में जलभराव से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। कांग्रेस ने विधायक के मकान की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
विधायक बोले- जमीन वैध तरीके से खरीदी
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह ने सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने नदी की जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया है। विधायक के मुताबिक जमीन वैध तरीके से खरीदी गई थी और संबंधित समय में नगर निगम के अधिकारियों से अनुमति भी ली गई थी। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों ने उस समय कोई गलत स्वीकृति दी थी, तो इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं है।
19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रीवा, सतना, पन्ना, डिंडौरी, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, सीधी और सिवनी समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
नदियां उफान पर, कई जगह स्कूल बंद
भारी बारिश के चलते मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नर्मदा, ताप्ती, बेतवा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं। डिंडौरी में नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। पन्ना में भी दो दिन के लिए स्कूल बंद किए गए हैं। कई इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।