भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में Ola-Uber समेत ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने कैब संचालन को लेकर नियम सख्त करते हुए साफ किया है कि शहर में कैब के रूप में चलने वाले वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होगा। बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के निजी वाहन को कैब के तौर पर संचालित नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला भोपाल में कैब ड्राइवरों की हड़ताल और उनकी प्रमुख मांगों के बीच सामने आया है। पिछले दिनों Ola, Uber और अन्य ऐप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने किराया, रेगुलेशन और निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर विरोध किया था।
अब निजी नंबर वाली गाड़ी से कैब चलाना मुश्किल
नई व्यवस्था का सीधा असर उन ड्राइवरों पर पड़ेगा जो निजी रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों का इस्तेमाल ऐप आधारित कैब सेवा के लिए कर रहे हैं। सरकार के निर्देश के मुताबिक कैब एग्रीगेटर्स और ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेवा में इस्तेमाल होने वाले वाहन कमर्शियल कैटेगरी में रजिस्टर्ड हों। इसका मतलब है कि सिर्फ Ola या Uber के ऐप से जुड़ जाना पर्याप्त नहीं होगा। वाहन को निर्धारित व्यावसायिक नियमों के तहत भी वैध होना पड़ेगा।
ड्राइवरों की लंबे समय से थी मांग
भोपाल में ऐप आधारित कैब ड्राइवर लंबे समय से किराया तय करने, निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और कैब एग्रीगेटर्स के नियमन को लेकर मांग उठा रहे थे। अगस्त में ड्राइवर संगठनों ने हड़ताल भी की थी। उनकी मांगों में सरकार द्वारा निर्धारित किराया लागू करना और गैर-कमर्शियल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शामिल थी।
यात्रियों पर भी पड़ेगा असर
कमर्शियल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होने के बाद कैब सेवा में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की वैधता और दस्तावेजों की जांच पर जोर बढ़ सकता है। इससे यात्रियों को अधिक नियमन वाली कैब सेवा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नए नियमों के चलते ऐसे ड्राइवरों के लिए चुनौती बढ़ सकती है जो फिलहाल निजी नंबर वाले वाहन से ऐप आधारित कैब सेवा चला रहे हैं।
सरकार का फोकस रेगुलेशन पर
भोपाल में हालिया टैक्सी विवाद के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से ऐप आधारित परिवहन सेवाओं को नियमों के दायरे में लाने पर जोर दिया जा रहा है। ड्राइवर यूनियन और एग्रीगेटर कंपनियों के बीच किराए और संचालन से जुड़े विवाद के बीच कमर्शियल रजिस्ट्रेशन का नियम एक अहम बदलाव माना जा रहा है। यानी अगर आप भोपाल में Ola या Uber चलाते हैं, तो वाहन का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना अब बेहद जरूरी है। निजी नंबर वाले वाहन से कैब संचालन पर नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।