भोपाल: मध्य प्रदेश के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राजधानी भोपाल स्थित AIIMS Bhopal में जल्द ही Gamma Knife जैसी अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी सुविधा उपलब्ध होने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। इससे कुछ खास तरह की दिमागी बीमारियों और ब्रेन में मौजूद असामान्य संरचनाओं का इलाज बिना पारंपरिक ऑपरेशन के किया जा सकेगा। हालिया जानकारी के मुताबिक, AIIMS Bhopal के लिए Gamma Knife की खरीद का टेंडर जारी किया जा चुका है।
बिना चीरा-टांका इलाज में मददगार होगी तकनीक
Gamma Knife एक अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी तकनीक है, जिसमें बेहद सटीक तरीके से रेडिएशन को दिमाग के निर्धारित हिस्से पर केंद्रित किया जाता है। इसका उद्देश्य आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम से कम प्रभावित करते हुए लक्षित हिस्से का उपचार करना होता है। AIIMS के न्यूरोसर्जरी विभाग के अनुसार Gamma Knife से विभिन्न intracranial lesions का non-invasive उपचार किया जा सकता है।
अभी प्रक्रिया चल रही है
AIIMS Bhopal में Gamma Knife की सुविधा अभी नियमित रूप से शुरू नहीं हुई है। सरकारी ई-टेंडर में AIIMS Bhopal के लिए Gamma Knife की SITC (Supply, Installation, Testing and Commissioning) का काम शामिल है। टेंडर की अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है और इसमें 300 दिनों की कार्य अवधि दर्ज है। इसका मतलब यह है कि मरीजों को सुविधा मिलने में मशीन की स्थापना, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी तैयारियों के पूरा होने के बाद ही समय लगेगा।
मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ से मिलेगी राहत
फिलहाल ऐसी अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी सुविधा के लिए मध्य प्रदेश के मरीजों को दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ सकता है। AIIMS Bhopal में Gamma Knife सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उन्नत उपचार का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
किन मरीजों में हो सकता है इस्तेमाल?
Gamma Knife का इस्तेमाल डॉक्टर मरीज की बीमारी और मेडिकल जांच के आधार पर तय करते हैं। इसका उपयोग कुछ ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं और अन्य चुनिंदा intracranial lesions में किया जा सकता है। हर मरीज के लिए यह उपचार उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
AIIMS Bhopal में लगातार बढ़ रही अत्याधुनिक सुविधाएं
AIIMS Bhopal में हाल के समय में कई आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। फरवरी 2026 में PIB ने बताया था कि संस्थान के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में कई उन्नत जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा PET-CT सुविधा भी शुरू किए जाने की दिशा में काम चल रहा है।