नई दिल्ली - कई लोग बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट तो पहनते हैं, लेकिन इसे कब बदलना चाहिए, इस पर ध्यान नहीं देते। अक्सर जब तक हेलमेट बाहर से बिल्कुल ठीक दिखाई देता है, लोग उसे सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं। हालांकि, हेलमेट की सुरक्षा केवल उसकी बाहरी स्थिति देखकर तय नहीं की जा सकती।
समय के साथ कमजोर हो जाता है हेलमेट
लगातार इस्तेमाल और मौसम के असर से हेलमेट के अंदर मौजूद फोम, पैडिंग और लाइनिंग धीरे-धीरे अपनी मजबूती और आकार खो सकते हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद इसका फिट भी पहले जैसा नहीं रहता। ऐसे में दुर्घटना होने पर हेलमेट सिर को उतनी प्रभावी सुरक्षा नहीं दे पाएगा, जितनी एक अच्छी स्थिति वाला हेलमेट दे सकता है।
5 साल पुराना हेलमेट बदलने पर करें विचार
अगर आपका हेलमेट 5 साल से ज्यादा पुराना हो चुका है, तो उसे बदलने पर जरूर विचार करना चाहिए। खासकर तब, जब हेलमेट का इस्तेमाल रोजाना किया जाता हो या वह लंबे समय तक तेज धूप, गर्मी और बारिश के संपर्क में रहा हो। हालांकि, हेलमेट बदलने का फैसला केवल उम्र के आधार पर नहीं होना चाहिए। अगर हेलमेट किसी दुर्घटना में जोर से टकरा चुका है, उसमें दरार है या उसका स्ट्रैप और बकल ठीक से काम नहीं कर रहा, तो उसे तुरंत बदलना बेहतर है।
बाहर से सही दिखने पर भी हो सकता है नुकसान
हेलमेट की बाहरी शेल पर मामूली खरोंच न होने का मतलब यह नहीं है कि अंदर का सुरक्षा ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है। कई बार अंदर की सामग्री समय के साथ कमजोर हो जाती है, जो सामान्य नजर से दिखाई नहीं देती।
हेलमेट खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
नया हेलमेट लेते समय सही साइज और अच्छी फिटिंग सबसे जरूरी है। हेलमेट सिर पर ढीला नहीं होना चाहिए और चिन स्ट्रैप भी सही तरीके से लॉक होना चाहिए। साथ ही, हेलमेट पर लागू सुरक्षा मानक का प्रमाणन जरूर जांचें।

याद रखें—हेलमेट सिर्फ ट्रैफिक चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में सिर की सुरक्षा के लिए होता है। इसलिए पुराने या क्षतिग्रस्त हेलमेट को समय पर बदलना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
- 5 साल की अवधि: Studds जैसी प्रमुख हेलमेट निर्माता कंपनियां और सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि धूप, पसीना और हवा के कारण अंदर का ईपीएस (EPS) फोम समय के साथ अपनी क्षमता खो देता है।
- दुर्घटना या जोरदार टक्कर: यदि आपका हेलमेट किसी हादसे में सिर की सुरक्षा कर चुका है या जमीन पर तेज गिर गया है, तो उसे तुरंत बदल दें। बाहरी परत ठीक दिखने पर भी अंदरूनी फोम क्षतिग्रस्त हो जाता है।
- टूट-फूट या ढीलापन: हेलमेट की स्ट्रैप (फीता) घिस जाने, बाहरी सतह पर गहरी दरार आने या फिटिंग ढीली होने पर वह सुरक्षित नहीं रहता।