जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं कक्षा की परीक्षा अब इस सत्र से दो बार आयोजित की जाएगी। पहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी, जबकि दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी। राजस्थान बोर्ड के सचिव ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के बाद अंकों में सुधार और कुछ परिस्थितियों में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। वहीं, 2026-27 से सप्लीमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। उसकी जगह मई में होने वाली दूसरी परीक्षा होगी।
पास छात्र 3 विषयों में सुधार सकेंगे अंक
मुख्य परीक्षा में पास होने वाले विद्यार्थी अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं। इसके लिए उन्हें मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।मुख्य और दूसरी परीक्षा में जिस परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त होंगे, उन्हें अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।
10वीं के विद्यार्थी हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा और तीसरी भाषा/संस्कृत में से अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधार कर सकेंगे। हालांकि, विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी।
दो विषयों में फेल होने पर दूसरी परीक्षा का मौका
नई व्यवस्था में मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी सहित किसी एक अन्य विषय में फेल होने वाले विद्यार्थियों को सीधे फेल नहीं माना जाएगा। यदि विद्यार्थी दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करता है, तो उसे अंक सुधार (EI) के तहत दूसरी परीक्षा देनी होगी।
वहीं, यदि विद्यार्थी 3 या उससे अधिक विषयों में फेल या अनुपस्थित रहता है, तो उसे मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे विद्यार्थियों को अगले साल सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी।
सप्लीमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था खत्म
राजस्थान बोर्ड ने 2026-27 सत्र से पूरक यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब सप्लीमेंट्री की जगह मई में आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा होगी।इससे विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के बाद निर्धारित नियमों के तहत दोबारा परीक्षा देकर अंक सुधारने या आवश्यक विषयों में प्रदर्शन सुधारने का अवसर मिलेगा।
कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश की सुविधा
मुख्य परीक्षा की परफॉर्मेंस Raj-e-Vault में उपलब्ध होगी। इसके आधार पर विद्यार्थियों को कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश मिल सकेगा।मुख्य परीक्षा में अधिकतम 2 विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा। दूसरी परीक्षा के परिणाम के बाद उनका प्रवेश स्थायी किया जा सकेगा।
पहली मुख्य परीक्षा देना अनिवार्य
बोर्ड की नई व्यवस्था के तहत 10वीं के विद्यार्थियों के लिए पहली मुख्य परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद ही निर्धारित नियमों के अनुसार मई में होने वाली दूसरी परीक्षा का लाभ लिया जा सकेगा।विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में सुधार कर सकेंगे, लेकिन चुने गए विषयों को बदलने की अनुमति नहीं होगी।
री-टोटलिंग और चेकिंग की भी सुविधा
विद्यार्थियों को मुख्य और दूसरी दोनों परीक्षाओं के बाद अलग-अलग री-टोटलिंग और कॉपियों की चेकिंग करवाने की सुविधा मिलेगी।हालांकि, दूसरी परीक्षा में विद्यार्थी केवल उसी विषय की री-टोटलिंग और चेकिंग करवा सकेंगे, जिसे उन्होंने दूसरी परीक्षा के लिए चुना है।