कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय में जनरल बॉडी (GB) मीटिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों SFI, FETSU और AIDSO के बीच तनाव के दौरान विश्वविद्यालय के गेट नंबर 4 पर लगा ऐतिहासिक प्रतीक भी क्षतिग्रस्त हो गया। यह प्रतीक महान कलाकार नंदलाल बोस की डिजाइन से जुड़ा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। घटना के बाद पूरे परिसर में तनाव बना रहा और पुलिस ने मामले में 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
GB मीटिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात अरविंद भवन में FETSU की GB मीटिंग आयोजित की जा रही थी। ABVP ने इस बैठक की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में फिलहाल कोई निर्वाचित छात्र संघ मौजूद नहीं है, इसलिए ऐसी बैठक आयोजित करने का अधिकार नहीं है। वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों का कहना था कि बैठक छात्रों से जुड़े मुद्दों और संगठनात्मक मामलों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की और हिंसा में बदल गई। इस दौरान पोस्टरों और झंडों को नुकसान पहुंचाने तथा आग लगाए जाने के भी आरोप सामने आए।
गेट पर चढ़ने के दौरान ऐतिहासिक प्रतीक टूटा
गुरुवार को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि कुछ ABVP समर्थकों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए गेट नंबर 4 पर चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान गेट पर लगा धातु का ऐतिहासिक प्रतीक क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि प्रतीक की बाहरी कमल-पंखुड़ियों वाली रिंग पैर रखने और दबाव पड़ने के कारण टूट गई। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने घटना पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यह केवल एक प्रतीक या लोगो नहीं, बल्कि जादवपुर विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पहचान और विरासत का हिस्सा है।
11 लोगों के खिलाफ FIR
घटना को लेकर जादवपुर थाने में शिकायतें दर्ज की गईं। पुलिस ने मामले में 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JUTA) ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से हिंसा और ऐतिहासिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिसर और आसपास के इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और बाहरी लोगों को परिसर में लाने के आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और CCTV फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।