इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में H1N1 संक्रमण से 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला का इंदौर के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में 16 दिन तक इलाज चला था। बाद में उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया और 19 अगस्त को उज्जैन स्थित घर पर उनकी मौत हो गई। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
16 दिन अस्पताल में भर्ती रहीं महिला
जानकारी के मुताबिक, उज्जैन निवासी महिला को सांस लेने में परेशानी और अन्य लक्षणों के बाद इलाज के लिए इंदौर लाया गया था। वह करीब 16 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं। उनकी जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अगस्त को महिला को मेडिकल सलाह के खिलाफ अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद परिजन उन्हें उज्जैन स्थित घर लेकर पहुंचे, जहां 19 अगस्त को उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने में देरी का आरोप
मामले में सबसे अहम सवाल H1N1 पॉजिटिव रिपोर्ट की स्वास्थ्य विभाग को समय पर जानकारी दिए जाने को लेकर है। CMHO डॉ. माधव हसानी के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में मरीज के H1N1 स्टेटस की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी। बाद में अस्पताल की ओर से मरीज के H1N1 पॉजिटिव होने की जानकारी दी गई। H1N1 जैसे नोटिफाएबल डिजीज के मामलों की रिपोर्टिंग स्वास्थ्य विभाग को करना जरूरी है। इसी को लेकर अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है।
3 डॉक्टरों की कमेटी करेगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की है। रिपोर्ट के मुताबिक टीम में दो विशेषज्ञ डॉक्टर और एक एपिडेमियोलॉजिस्ट शामिल हैं। कमेटी मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि H1N1 संक्रमण की जानकारी विभाग को देने में देरी क्यों हुई और मरीज को डिस्चार्ज करने की परिस्थितियां क्या थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सभी अस्पतालों को तत्काल रिपोर्टिंग के निर्देश
मामले के बाद इंदौर स्वास्थ्य विभाग ने निजी और सरकारी अस्पतालों को संक्रामक बीमारियों की रिपोर्टिंग को लेकर निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि H1N1 पॉजिटिव मरीज सामने आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को तत्काल देना जरूरी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मानसून के दौरान नमी और मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण बढ़ सकते हैं, ऐसे में समय पर रिपोर्टिंग और निगरानी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है। अस्पताल की ओर से मरीज की स्थिति, डिस्चार्ज और रिपोर्टिंग से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और अस्पताल के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।