भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे शिक्षक भर्ती के चयनित कैंडिडेट्स ने पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी शामिल रहे। अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती में अतिरिक्त पद जोड़ने और नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों पर जल्द फैसला लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती में उपलब्ध पदों की संख्या उम्मीदवारों की तुलना में काफी कम है। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने के बावजूद नियुक्ति से वंचित रह सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क में नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने की कोशिश की। अभ्यर्थियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत अनिश्चितकालीन आंदोलन के साथ भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग
शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग पदों की संख्या में बढ़ोतरी करना है। उनका कहना है कि वर्तमान भर्ती में उपलब्ध पद सीमित हैं, जबकि शिक्षक बनने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि सरकार अतिरिक्त पद स्वीकृत करती है तो अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। इसी वजह से उन्होंने शिक्षक भर्ती के दोनों वर्गों में अलग-अलग संख्या में पद बढ़ाने की मांग रखी है।
वर्ग-2 में 25 हजार अतिरिक्त पद की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के वर्ग-2 में 25 हजार अतिरिक्त पद बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्ग-2 में पदों की संख्या बढ़ने से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, शिक्षक भर्ती में शामिल उम्मीदवारों की संख्या और उपलब्ध रिक्तियों के बीच अंतर को देखते हुए सरकार को पदों की संख्या बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि इससे शिक्षा विभाग में खाली पदों को भरने के साथ योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर भी मिल सकता है।
वर्ग-3 में 3 हजार पद बढ़ाने की मांग
वर्ग-2 के साथ-साथ प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने वर्ग-3 में 3 हजार अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग भी की है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि पदों में वृद्धि होने पर ज्यादा चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल सकेगी। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं पर जल्द फैसला लिया जाए और नियुक्ति का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए स्थिति स्पष्ट की जाए।
900 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया
प्रदर्शन के दौरान करीब 900 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति से जुड़ा मुद्दा भी सामने आया। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में आगे आने के बावजूद कुछ उम्मीदवारों की नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कटऑफ में बदलाव और नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से उम्मीदवारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अभ्यर्थियों के मुताबिक वे पिछले 17 दिनों से धरने पर बैठे हैं और अब अपनी मांगों को लेकर राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि पदवृद्धि और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल का भी ऐलान करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि वे लगातार अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन यदि समाधान नहीं निकलता तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा।
शिक्षक भर्ती को लेकर भोपाल में बढ़ी हलचल
शिक्षक भर्ती से जुड़े अलग-अलग संगठनों और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के कारण राजधानी भोपाल में शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर हलचल बढ़ी हुई है। एक तरफ नीलम पार्क में चयनित अभ्यर्थी पदवृद्धि और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI में भी प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती को लेकर प्रदर्शन हो चुका है। इस पूरे मामले में अभ्यर्थियों का मुख्य फोकस नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने और रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने पर है।
ABVP के प्रदर्शन के बाद भी गरमाया मामला
प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने भी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय में प्रदर्शन किया था। 20 अगस्त 2026, गुरुवार को ABVP कार्यकर्ता DPI आयुक्त कार्यालय पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता आयुक्त के कैबिन में चले गए और वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। इसके चलते कार्यालय में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को आयुक्त के कैबिन से बाहर किया। इसके बाद भी कुछ समय तक कार्यालय परिसर में गहमागहमी बनी रही।
DPI आयुक्त भी प्रदर्शनकारियों के साथ नीचे आए
प्रदर्शन के दौरान DPI आयुक्त अभिषेक सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ नीचे आए थे। ABVP कार्यकर्ताओं ने प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग और सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की। इस घटनाक्रम ने शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर चल रही मांगों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
उमंग सिंघार ने भी सरकार पर साधा निशाना
शिक्षक भर्ती और DPI से जुड़े विवाद के बीच कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं और शिक्षकों की समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना चाहिए। उमंग सिंघार ने दावा किया कि बड़ी संख्या में शिक्षक सड़कों पर हैं और कंप्यूटर ऑपरेटर भी प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने 13 प्रतिशत पद होल्ड होने का भी दावा किया और सरकार से इस मामले में तत्काल आदेश जारी करने की मांग की। उनका बयान ऐसे समय आया है जब शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी राजधानी में अलग-अलग स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं और नियुक्ति व पदवृद्धि को लेकर सरकार से निर्णय की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
शिक्षक भर्ती 2025 के चयनित अभ्यर्थियों की ओर से कई मांगें सामने रखी गई हैं। इनमें मुख्य रूप से वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाना, चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित करना और भर्ती प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाना शामिल है। प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाई गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं-
वर्ग-2 में 25 हजार अतिरिक्त पद बढ़ाए जाएं।
वर्ग-3 में 3 हजार नए पद जोड़े जाएं।
करीब 900 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ किया जाए।
कटऑफ से जुड़े मुद्दे पर निर्णय लिया जाए।
नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
लंबित मामलों पर सरकार स्पष्ट आदेश जारी करे।
सरकार के फैसले पर टिकी अभ्यर्थियों की नजर
फिलहाल शिक्षक भर्ती 2025 के चयनित अभ्यर्थी सरकार की ओर से किसी ठोस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। नीलम पार्क में जारी प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे पदवृद्धि और नियुक्ति के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से यदि पदों की संख्या बढ़ाने या नियुक्ति से संबंधित कोई निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं, मांगों पर फैसला नहीं होने की स्थिति में प्रदर्शनकारी आंदोलन को और आगे बढ़ाने की चेतावनी दे चुके हैं।