CG IFS Transfer: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 9 अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, वन मंडल और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कई अधिकारियों को उनके मौजूदा पद से हटाकर दूसरे महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों की कमान सौंपी गई है। सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब प्रदेश के अलग-अलग वन क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होगा। तबादला सूची में ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों को अपने-अपने नए पदों पर कार्यभार संभालना होगा और आगामी आदेश तक इन्हीं जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
वन विभाग में बदली कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में वन प्रशासन का दायरा काफी बड़ा है। राज्य में कई टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव क्षेत्र और बड़े वन मंडल हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में अधिकारियों की नियुक्ति का सीधा संबंध वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर विभागीय कामकाज से होता है। ताजा तबादला आदेश में 9 IFS अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, अचानकमार टाइगर रिजर्व, इंद्रावती टाइगर रिजर्व और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
सौरभ सिंह ठाकुर को हाथी रिजर्व सरगुजा की जिम्मेदारी
IFS अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर के उप संचालक पद से हटाया गया है। अब उन्हें हाथी रिजर्व, सरगुजा के उप संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरगुजा क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी और मानव-हाथी संघर्ष से जुड़े विषयों को देखते हुए यह पद वन्यजीव प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। नई पदस्थापना के साथ उनके कार्यक्षेत्र में भी बदलाव होगा।
दिनेश कुमार पटेल बने अचानकमार टाइगर रिजर्व के उप संचालक
दिनेश कुमार पटेल को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वे अब तक वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला के पद पर कार्यरत थे। तबादले के बाद उन्हें अचानकमार टाइगर रिजर्व का उप संचालक बनाया गया है। अचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है। यहां बाघ समेत कई महत्वपूर्ण वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण और रिजर्व प्रबंधन से जुड़े कार्य किए जाते हैं।
गणेश यू.आर. को दोहरी जिम्मेदारी
गणेश यू.आर. को अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर के उप संचालक पद से स्थानांतरित किया गया है। उन्हें अब अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल, बिलासपुर में वनमंडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही गणेश यू.आर. को अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व, बिलासपुर के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यानी नई पदस्थापना के साथ उन्हें वन अनुसंधान एवं विस्तार से जुड़ी जिम्मेदारी के अलावा बायोस्फियर रिजर्व से संबंधित अतिरिक्त दायित्व भी संभालना होगा।
अभिनव कुमार को मोहला भेजा गया
IFS अधिकारी अभिनव कुमार को मुंगेली में वन उप संरक्षक (प्रादेशिक) के पद से हटाकर वन उप संरक्षक, मोहला बनाया गया है। उनकी नई पोस्टिंग के बाद मोहला क्षेत्र में वन विभाग से जुड़े प्रशासनिक और क्षेत्रीय कार्यों की जिम्मेदारी उनके पास होगी। इस बदलाव के साथ मुंगेली और मोहला दोनों वन क्षेत्रों में अधिकारियों की पदस्थापना का नया ढांचा तैयार होगा।
एस. नवीन कुमार की भी नई पोस्टिंग
एस. नवीन कुमार को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर के संचालक पद से हटाकर वन उप संरक्षक, पश्चिम भानुप्रतापपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन और जैव विविधता क्षेत्र है। यहां उनकी जगह अब दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।
गौतम पादीभर संभालेंगे कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
गौतम पादीभर को अब कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर के संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे गौरेला वनमंडल, मरवाही में उप वनमंडलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। नई पदस्थापना के साथ अब उन्हें कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के प्रबंधन और वहां होने वाले वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी करनी होगी।
श्वेता कम्बोज को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की कमान
श्वेता कम्बोज का भी तबादला किया गया है। उन्हें अंबिकापुर वनमंडल से हटाकर गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व की उप संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व राज्य के महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में इस पद पर नई नियुक्ति को वन्यजीव प्रबंधन और रिजर्व की प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सुमेध संजय सुरवणे को इंद्रावती टाइगर रिजर्व का जिम्मा
IFS अधिकारी सुमेध संजय सुरवणे को सुकमा वनमंडल से स्थानांतरित कर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर के उप संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व बस्तर क्षेत्र के महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में से एक है। नई पदस्थापना के बाद उन्हें रिजर्व से जुड़े प्रशासनिक और संरक्षण कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
तन्मय कौशिक को मुंगेली भेजा गया
तन्मय कौशिक को रायगढ़ वनमंडल से हटाकर वन उप संरक्षक, मुंगेली बनाया गया है। नई पदस्थापना के बाद मुंगेली वन क्षेत्र में विभागीय गतिविधियों और वन प्रबंधन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी।
टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में भी बड़ा बदलाव
इस तबादला सूची की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कई अधिकारियों को राज्य के प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अचानकमार, गुरु घासीदास और इंद्रावती टाइगर रिजर्व के साथ कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में भी अधिकारियों की पोस्टिंग बदली गई है। इन क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, जंगलों की निगरानी, मानव-वन्यजीव संघर्ष, पर्यटन प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर वन विभाग की गतिविधियां महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में अधिकारियों के बदलाव का असर आने वाले समय में विभागीय कामकाज पर भी दिखाई दे सकता है।
अनुसंधान और बायोस्फियर रिजर्व से जुड़े काम में भी बदलाव
ताजा आदेश में केवल टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों की जिम्मेदारियां ही नहीं बदली गई हैं, बल्कि अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल और अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व से जुड़े पदों में भी बदलाव किया गया है। गणेश यू.आर. को वनमंडल अधिकारी के साथ बायोस्फियर रिजर्व के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया जाना इस फेरबदल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे वन अनुसंधान और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कामों के प्रशासनिक संचालन में बदलाव होगा।
एक साथ 9 IFS अधिकारियों का ट्रांसफर
छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी आदेश में कुल 9 IFS अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। इस सूची में अलग-अलग स्तर और क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों को शामिल किया गया है। नई जिम्मेदारियों के तहत किसी अधिकारी को टाइगर रिजर्व भेजा गया है तो किसी को राष्ट्रीय उद्यान, वन मंडल या हाथी रिजर्व की जिम्मेदारी मिली है। वहीं एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
नई पोस्टिंग के बाद संभालेंगे कार्यभार
आदेश जारी होने के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी नई पदस्थापना के अनुसार कार्यभार संभालना होगा। विभागीय आदेश में अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई जिम्मेदारी पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद संबंधित वन मंडलों, टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का नया ढांचा लागू होगा। आने वाले दिनों में नई पदस्थापनाओं के अनुसार विभागीय कामकाज आगे बढ़ेगा।
किस अधिकारी को कहां मिली जिम्मेदारी?