मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए TET परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षण संचालनालय की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि निर्धारित श्रेणी में आने वाले शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। तय समयसीमा में परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों पर सेवा संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।
31 अगस्त 2028 तक TET पास करना जरूरी
शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उनके लिए TET पास करना अनिवार्य होगा। ऐसे शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
निर्देशों के अनुसार, अगर संबंधित शिक्षक तय समय तक TET परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सेवा से जुड़ी गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसमें अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान भी बताया गया है।
पांच साल से कम सेवा बची है तो क्या होगा?
जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में पांच साल से कम समय बचा है, उनके लिए TET पास करना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि, ऐसे शिक्षक सेवा शर्तों के अनुसार पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे।इस व्यवस्था का असर उन शिक्षकों पर भी पड़ेगा जो आगे पदोन्नति की प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं। यानी कम सेवा अवधि बचने पर TET से छूट मिलने के बावजूद प्रमोशन का लाभ प्रभावित हो सकता है।
12 अक्टूबर से ऑनलाइन TET परीक्षा
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की ओर से TET परीक्षा का आयोजन 12 अक्टूबर से ऑनलाइन मोड में किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होने की जानकारी दी गई है।शिक्षकों के लिए यह परीक्षा सेवा में बने रहने और भविष्य में पदोन्नति से जुड़े अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पात्र शिक्षकों को निर्धारित समय के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षकों पर भी लागू होगा नियम
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक फिलहाल उच्च पद का प्रभार संभाल रहे हैं, उन्हें भी अपने मूल पद के लिए निर्धारित TET परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।इसका मतलब है कि केवल उच्च पद का प्रभार मिलने से शिक्षक TET की अनिवार्यता से बाहर नहीं होंगे। उन्हें अपने मूल पद से संबंधित पात्रता परीक्षा की शर्त पूरी करनी होगी।
नौकरी और प्रमोशन दोनों पर पड़ेगा असर
नई व्यवस्था के बाद शिक्षकों के लिए TET केवल पात्रता परीक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका सीधा संबंध उनकी सेवा शर्तों से भी जुड़ गया है। पांच साल से अधिक सेवा बाकी वाले शिक्षकों के लिए परीक्षा पास करना जरूरी होगा, जबकि पांच साल से कम सेवा बचने वाले शिक्षकों पर पदोन्नति की पात्रता प्रभावित होगी।