छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत नहीं दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र ने 20 अगस्त 2026 को जारी बुलेटिन में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 से 24 अगस्त तक प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होती रहेगी। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 25 और 26 अगस्त को भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना बनी हुई है।
उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र, छत्तीसगढ़ में भी असर
मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्र में एक अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इस मौसम प्रणाली का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बने हुए हैं और बारिश की गतिविधियां जारी हैं। आने वाले दिनों में भी इस सिस्टम और उससे जुड़े मौसमी प्रभावों के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश भी दर्ज हुई। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पेंड्रा रोड में 56.0 मिमी, बिलासपुर में 35.2 मिमी और अंबिकापुर में 24.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा लालपुर रायपुर में 1.4 मिमी, माना एयरपोर्ट में 0.6 मिमी, जगदलपुर में 0.5 मिमी और दुर्ग में 2.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं रही, बल्कि कुछ क्षेत्रों में ज्यादा बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई।
बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट
लगातार बादल और बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान माना में 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री, पेंड्रा रोड में 25.2 डिग्री और दुर्ग में 26.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों की वजह से दिन के तापमान में कमी आई है। आने वाले दिनों में भी वर्षा जारी रहने पर कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और नम बना रह सकता है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में भी मौसम के मेघमय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार आज आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रह सकता है और शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यानी राजधानी में दिन के दौरान उमस के बीच बादल और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
20 से 24 अगस्त तक बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 20 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात होने की भी आशंका है। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
25 और 26 अगस्त को भी बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। यानी 26 अगस्त तक प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रहने का अनुमान है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है।
7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान एक नजर में
| तारीख | मौसम का पूर्वानुमान | चेतावनी |
|---|---|---|
| 20 अगस्त | प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक के साथ वज्रपात |
| 21 अगस्त | कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना |
| 22 अगस्त | कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना |
| 23 अगस्त | कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात संभव |
| 24 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात |
| 25 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना |
| 26 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना |
आकाशीय बिजली के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
बारिश के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, खेत या अन्य खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए। सुरक्षित पक्की इमारत या घर के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित है। तेज बिजली चमकने और गरजने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत लाइनों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है। इसके अलावा मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि किसी इलाके में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी हो तो स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखना बेहतर होगा।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए किसानों और कृषि से जुड़े लोगों के लिए भी सावधानी बरतने की जरूरत है। कृषि मंडियों या खुले स्थानों में रखी उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं बागवानों और सब्जी उत्पादकों को मौसम की स्थिति को देखते हुए उपलब्धता के अनुसार एंटी-हेल नेट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसका असर स्थानीय जनजीवन पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में पहले से अच्छी बारिश हो चुकी है, वहां लगातार बारिश होने पर जलभराव और निचले इलाकों में पानी जमा होने जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी के साथ स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का भी पालन करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में अभी मानसून से राहत के आसार कम
प्रदेश में मानसून की सक्रियता को देखते हुए फिलहाल बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है और अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में भी अधिकांश दिनों में वर्षा की संभावना बनी हुई है। 20 से 24 अगस्त के बीच जहां बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात का खतरा है, वहीं 25 और 26 अगस्त को भी कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।