नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली टीम का पुनर्गठन किया है। नई टीम में देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों के शिक्षक, स्कूल शिक्षक और NCERT के अकादमिक विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
20 सदस्यों की टीम तैयार
नई टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम में कुल 20 सदस्य शामिल हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, पांडिचेरी विश्वविद्यालय और उत्कल विश्वविद्यालय से जुड़े अकादमिक शामिल हैं। टीम में स्कूल शिक्षकों और NCERT के फैकल्टी सदस्यों को भी जगह दी गई है।
11वीं की किताब नवंबर 2026 तक होगी तैयार
पॉलिटिकल एनालिस्ट और अकादमिक संदीप शास्त्री की अध्यक्षता वाली टीम को दोनों कक्षाओं की किताबें तैयार करने की समयसीमा दी गई है।
- कक्षा 11वीं: 30 नवंबर 2026 तक किताब तैयार करने का लक्ष्य
- कक्षा 12वीं: 30 जुलाई 2027 तक किताब तैयार करने का लक्ष्य
NCERT अंतिम शिक्षण-अधिगम सामग्री को मंजूरी देने के बाद उसका प्रकाशन और वितरण करेगा।
टीम में RSS-BJP से जुड़े लोगों की मौजूदगी का दावा
नई कमेटी को लेकर राजनीतिक और अकादमिक हलकों में चर्चा भी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, टीम के कम से कम चार सदस्यों के RSS या BJP से जुड़े संगठनों के साथ पुराने या मौजूदा संबंध रहे हैं।
इनमें JNU की प्रोफेसर और ABVP की पूर्व राष्ट्रीय सचिव वंदना मिश्रा, शिक्षाविद यदुनाथ देशपांडे, पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी से जुड़े प्रशांत दिवेकर और JNU के अकादमिक रवि रमेशचंद्र शुक्ला के नाम शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, नई टीम का दायरा इससे काफी व्यापक है और इसमें अलग-अलग संस्थानों से जुड़े कई अन्य अकादमिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
किन संस्थानों के विशेषज्ञ टीम में?
टीम में JNU से प्रकाश कांडपाल और रवि शुक्ला, NLU दिल्ली से निधि गुप्ता, चाणक्य यूनिवर्सिटी से चेतन सिंघई, दिल्ली विश्वविद्यालय से सुकांक्षिका वत्सा और IGNOU से सतीश कुमार समेत कई विशेषज्ञ शामिल हैं।
NCERT ने बताया टीम के पुनर्गठन का कारण
NCERT के अनुसार, टीम का पुनर्गठन कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की पाठ्यपुस्तकों की तैयारी को ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। अब नई टीम पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों की सामग्री तैयार करेगी। इसके बाद NCERT अंतिम सामग्री की समीक्षा और मंजूरी के बाद उसे छात्रों के लिए जारी करेगा।