भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे प्रदर्शन का आज सातवां दिन है। अलग-अलग संभागों से शिक्षक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। आंदोलन कर रहे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत दी जाए। संगठन ने अपनी मांगों को लेकर बेमियादी धरना शुरू किया है।
आज सागर और जबलपुर संभाग के शिक्षक होंगे शामिल
प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक पहुंच रहे हैं। आज सागर और जबलपुर संभाग के शिक्षकों के धरने में शामिल होने की जानकारी दी गई है। इससे पहले जबलपुर, ग्वालियर-चंबल, रीवा-शहडोल और उज्जैन संभाग के शिक्षक प्रदर्शन में शामिल हो चुके हैं। संगठन का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग क्षेत्रों के शिक्षकों की भागीदारी जारी रहेगी।
TET की अनिवार्यता से मुक्ति की मांग
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करना शामिल है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर सरकार को समाधान निकालना चाहिए।
संगठन ने इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करने और उसे केंद्र सरकार को भेजने की मांग रखी है।
पहली नियुक्ति से सेवा गणना की मांग
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग सेवा गणना से जुड़ी है। संगठन चाहता है कि शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से की जाए और इसी आधार पर वरिष्ठता निर्धारित हो। शिक्षकों का कहना है कि सेवा अवधि और वरिष्ठता से जुड़े मामलों का समाधान पहली नियुक्ति को आधार मानकर किया जाना चाहिए।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की मांग
तीसरी मांग ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर है। प्रदर्शनकारी शिक्षक इसे अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का तर्क है कि स्कूल शिक्षण के अलावा विभागीय और अन्य शासकीय दायित्व भी निभाते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक रखा जाना चाहिए।
बेमियादी धरने पर संयुक्त मोर्चा
इन तीन मांगों को लेकर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। नीलम पार्क में जारी प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग संभागों के शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल हो रहे हैं। फिलहाल शिक्षकों का आंदोलन जारी है और उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर प्रदर्शनकारियों की नजर है।