जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में मानसून की बारिश ने एक बार फिर परेशानी बढ़ा दी है। कश्मीर संभाग के शोपियां जिले के अखनार इलाके में बुधवार को बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। लगातार बारिश के कारण जम्मू संभाग के कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
शोपियां में Cloudburst से बाढ़ जैसे हालात
शोपियां के अखनार इलाके में बादल फटने के बाद अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। इससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। जम्मू संभाग के कई हिस्सों में भी लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन बना चुनौती
लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के देवाल और धर्मथल समेत कुछ हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, फिलहाल यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। वहीं बनी-बसोहली मार्ग पर सुबह भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। करीब पांच घंटे बाद सड़क पर आवाजाही बहाल की जा सकी। बारिश के कारण कठुआ में भी नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। वहीं एक विशाल चीड़ का पेड़ गिरने से महानपुर-बिलावर 33 केवी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
वैष्णो देवी यात्रा पर भी बारिश का असर
बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को बुधवार रात 8 बजे ताराकोट मार्ग पर अस्थायी रूप से रोक दिया गया। यात्रा रोके जाने तक करीब 18 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जबकि कटड़ा आधार शिविर में करीब 5 से 8 हजार श्रद्धालु रुके हुए थे।
इससे पहले भी मौसम खराब होने के कारण दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई थी। बाद में मौसम में सुधार होने पर यात्रा कुछ समय के लिए बहाल की गई, लेकिन रात में फिर से इसे रोकना पड़ा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुताबिक, गुरुवार सुबह मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद यात्रा बहाल करने पर फैसला लिया जाएगा।
कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित
खराब मौसम का असर कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा पर भी पड़ा है। बारिश और मौसम की खराब स्थिति के कारण सेवा प्रभावित रही।
यात्रा मार्ग पर भूस्खलन का खतरा देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
जम्मू में तापमान सामान्य से 5.7 डिग्री नीचे
बारिश के कारण जम्मू संभाग के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। जम्मू में मंगलवार देर रात शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी रही। यहां अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री कम रहा।
वहीं प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
| स्थान | अधिकतम तापमान |
|---|---|
| बनिहाल | 23.2°C |
| बटोत | 23.7°C |
| कटड़ा | 24.6°C |
| भद्रवाह | 25.0°C |
| श्रीनगर | 31.6°C |
| पहलगाम | 25.2°C |
| गुलमर्ग | 20.4°C |
श्रीनगर में जम्मू से ज्यादा गर्मी
बारिश के बावजूद बुधवार को श्रीनगर का अधिकतम तापमान जम्मू से ज्यादा रहा। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर पहलगाम में 25.2 और गुलमर्ग में 20.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
रियासी, राजौरी और पुंछ में भी बारिश
जम्मू संभाग के रियासी, राजौरी, पुंछ, बनिहाल-रामबन, किश्तवाड़ और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मौसम और श्राइन बोर्ड की ताजा एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी-नालों तथा संवेदनशील मार्गों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।