मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के ‘कामचलाऊ ज्ञान’ को अनिवार्य करने वाले नियम को अब सख्ती से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार ने नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार से एक महीने का विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को मंत्रालय में पत्रकार वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए बैज जारी करने से पहले चालकों के मराठी भाषा ज्ञान का सत्यापन किया जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य होगी।
मराठी ज्ञान की जांच की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
परिवहन मंत्री ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बैज जारी करने से पहले चालक के मराठी ज्ञान की जांच की पूरी प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड की जाए। अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भाषा ज्ञान के सत्यापन में पारदर्शिता बनी रहे।
नियम तोड़ा तो लाइसेंस और बैज पर कार्रवाई
हाल ही में संशोधित मोटर वाहन नियमों के तहत महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का ‘कामचलाऊ ज्ञान’ जरूरी किया गया है। जिन चालकों के पास आवश्यक प्रमाणपत्र नहीं है या जो अपेक्षित मराठी ज्ञान नहीं रखते, उन्हें पहले एक महीने का नोटिस देकर भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद भी नियम का पालन नहीं करने पर चालक का लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। यदि इसके बाद भी चालक मराठी सीखने की शर्त पूरी नहीं करता है, तो लाइसेंस और बैज रद्द करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं।
महाराष्ट्र में करीब 6 लाख ऑटो-टैक्सी चालक
सरकार के मुताबिक महाराष्ट्र में करीब छह लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक हैं। इनमें बड़ी संख्या मुंबई महानगर क्षेत्र में काम करती है।
सरकार का कहना है कि इस नियम का उद्देश्य किसी चालक की आजीविका छीनना नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। हालांकि, गैर-मराठी भाषी चालकों के बीच इस नियम को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं।