उत्तराखंड में पिछले चार दिनों से बारिश का दौर जारी है और पहाड़ी इलाकों में मौसम का असर लगातार दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने आज देहरादून समेत 6 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के बीच लैंडस्लाइड और नदी-नालों के अचानक उफान पर आने का खतरा बना हुआ है। एहतियात के तौर पर देहरादून में आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
टिहरी डैम का जलस्तर चेतावनी स्तर के पार
लगातार बारिश के बीच टिहरी बांध का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में बांधों और बैराजों से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने की संभावना जताई है।इसके साथ ही प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड का खतरा
बारिश के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान लोगों से संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
देहरादून में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
मौसम की स्थिति को देखते हुए देहरादून में एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन की ओर से बारिश और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
मालदेवता में 83 मिमी बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे के दौरान देहरादून के मालदेवता में सबसे ज्यादा 83 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।इसके अलावा सहस्रधारा आईटीआई में 65 मिमी और हल्द्वानी में 45.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम का असर बढ़ता जा रहा है।
इस मानसून में 33 लोगों की मौत
उत्तराखंड में इस मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। बारिश, भूस्खलन और अचानक बढ़ते नदी-नालों के जलस्तर के कारण प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में जोखिम बना हुआ है।प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।