Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। 20 अगस्त 2026 को घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में जोरदार तेजी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹3,519 बढ़कर करीब ₹1,57,387 पर पहुंच गई है। वहीं एक किलोग्राम चांदी का भाव ₹9,260 की बढ़त के साथ करीब ₹2.38 लाख हो गया है। अगस्त में अब तक सोने और चांदी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अगर मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो साल के अंत तक सोना ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर तक पहुंच सकती है।
अगस्त में तेजी ने पकड़ी रफ्तार
सोने की कीमतों में अगस्त के दौरान तेजी और मजबूत हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक महीने के शुरुआती 20 दिनों में ही सोने के भाव में करीब ₹15 हजार और चांदी में करीब ₹20 हजार तक की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल, निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती दिलचस्पी और केंद्रीय बैंकों की सोने में खरीद जैसे कई कारण माने जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखते हैं।
24 कैरेट सोना ₹1.57 लाख के पार
20 अगस्त को 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,57,387 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं अलग-अलग कैरेट के हिसाब से कीमत में अंतर बना हुआ है।
| कैरेट | 10 ग्राम का भाव |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,57,387 |
| 22 कैरेट | ₹1,44,166 |
| 18 कैरेट | ₹1,18,040 |
| 14 कैरेट | ₹92,071 |
24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषणों में आमतौर पर 22 कैरेट या अन्य शुद्धता वाले सोने का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए गहना खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम भाव देखने के बजाय उसकी शुद्धता और मेकिंग चार्ज को भी समझना जरूरी है।
बड़े शहरों में सोने का क्या भाव रहा?
20 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग शहरों में थोड़ी अलग रही। स्थानीय टैक्स, ज्वेलर्स के चार्ज और बाजार की स्थिति के कारण शहरों के भाव में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
| शहर | 10 ग्राम 24 कैरेट सोना |
|---|---|
| दिल्ली | ₹1,59,420 |
| मुंबई | ₹1,59,270 |
| कोलकाता | ₹1,59,270 |
| जयपुर | ₹1,59,420 |
| भोपाल | ₹1,59,320 |
| पटना | ₹1,59,320 |
| लखनऊ | ₹1,59,420 |
| रायपुर | ₹1,59,270 |
| अहमदाबाद | ₹1,59,320 |
यह ध्यान रखना जरूरी है कि IBJA के बुलियन रेट और किसी स्थानीय ज्वेलरी शॉप पर मिलने वाले अंतिम खरीद मूल्य में अंतर हो सकता है। गहना खरीदते समय GST और मेकिंग चार्ज जुड़ने के बाद भुगतान की जाने वाली रकम अधिक हो सकती है।
इस साल सोना कितना महंगा हुआ?
साल की शुरुआत से देखें तो सोने में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख था, जो अब बढ़कर लगभग ₹1.57 लाख हो गया है। यानी साल के दौरान इसमें करीब ₹24 हजार की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, 2026 में सोने की कीमतों में केवल एकतरफा तेजी नहीं रही। बाजार में कई बार तेज उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 29 जनवरी 2026 को सोने ने करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। इससे साफ है कि सोने के बाजार में निवेश करते समय केवल मौजूदा कीमत देखकर भविष्य की तेजी का अनुमान लगाना उचित नहीं है।
चांदी ₹2.38 लाख प्रति किलो पर पहुंची
सोने के साथ-साथ चांदी में भी आज जोरदार तेजी दर्ज की गई। 20 अगस्त को एक किलो चांदी का भाव करीब ₹9,260 बढ़कर ₹2.38 लाख तक पहुंच गया। 31 दिसंबर 2025 को चांदी करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो के स्तर पर थी। इसके बाद 2026 में इसमें काफी उतार-चढ़ाव रहा और 29 जनवरी को चांदी ने करीब ₹3.86 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। चांदी का बाजार सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव वाला माना जाता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल केवल आभूषणों में ही नहीं बल्कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।
साल के अंत तक ₹1.70 लाख तक पहुंच सकता है सोना
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले महीनों पर है। कोटक सिक्योरिटीज के सीनियर वीपी और कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक सोने को आम निवेशकों के साथ-साथ दुनिया के केंद्रीय बैंकों से भी समर्थन मिल रहा है। केंद्रीय बैंक अपने भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। ऐसे में वैश्विक स्तर पर अगर अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की मांग मजबूत रह सकती है। मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर 2026 तक सोना ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं चांदी के ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर तक जाने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि ये बाजार अनुमान हैं, निश्चित कीमत नहीं। कमोडिटी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों, मांग और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार तेजी से बदल सकती हैं।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोने की कीमत लगातार ऊंचे स्तर पर रहने के कारण गहने खरीदने वालों को खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करनी चाहिए।
1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें
गहना खरीदते समय उस पर BIS हॉलमार्क और संबंधित हॉलमार्किंग जानकारी की जांच करें। इससे सोने की शुद्धता के बारे में जानकारी मिलती है। केवल दुकान की ओर से बताए गए कैरेट पर निर्भर रहने के बजाय बिल और हॉलमार्क की जानकारी भी देखना बेहतर है।
2. भाव और वजन की जांच करें
खरीदारी से पहले उस दिन का सोने का रेट अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-चेक करें। इसके बाद गहने का वास्तविक वजन और शुद्धता समझें।
24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग होती है, इसलिए केवल 24 कैरेट का बाजार भाव देखकर गहने की अंतिम कीमत का अनुमान नहीं लगाना चाहिए।
3. मेकिंग चार्ज समझें
गहने की कीमत में मेकिंग चार्ज भी बड़ा हिस्सा होता है। अलग-अलग ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज अलग हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले सोने की कीमत, वजन, मेकिंग चार्ज और GST का पूरा ब्रेकअप मांगना समझदारी है। बड़ी खरीदारी में मेकिंग चार्ज को लेकर ज्वेलर से बातचीत भी की जा सकती है।
चांदी खरीदते समय शुद्धता कैसे जांचें?
चांदी की असलियत जांचने के लिए केवल घरेलू टेस्ट पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। चुंबक या बर्फ जैसे घरेलू परीक्षण किसी धातु की शुद्धता की पक्की गारंटी नहीं देते। चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता, हॉलमार्किंग और बिल की जांच करना ज्यादा भरोसेमंद तरीका है। जरूरत पड़ने पर किसी प्रमाणित जांच केंद्र या विश्वसनीय ज्वेलर से धातु की शुद्धता की पुष्टि कराई जा सकती है। विशेष रूप से महंगी चांदी की वस्तु खरीदते समय केवल रंग या चमक देखकर उसे असली मान लेना ठीक नहीं है।
सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है?
सोने के भाव पर कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर पड़ता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की खरीद और भू-राजनीतिक तनाव सोने की मांग को प्रभावित कर सकते हैं। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो कई निवेशक जोखिम वाले विकल्पों से पैसा निकालकर सोने जैसे पारंपरिक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। इससे मांग बढ़ने पर कीमतों को समर्थन मिल सकता है। इसके अलावा भारत में सोने की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय भाव के साथ-साथ रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति और आयात से जुड़े कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
सोना खरीदने का फैसला व्यक्ति के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर खरीदारी शादी या किसी अन्य जरूरी व्यक्तिगत जरूरत के लिए है तो केवल कीमत के और नीचे आने का इंतजार करना हमेशा व्यावहारिक नहीं हो सकता। वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय अपनी वित्तीय स्थिति, निवेश अवधि और जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए। सोने की कीमतों में तेजी के साथ गिरावट भी आ सकती है, इसलिए किसी भी बाजार अनुमान को निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।