लखनऊ- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद को लेकर हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची ने समर्थन जताया है। मुरादाबाद पहुंचीं साध्वी प्राची ने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर विचार और चिंतन होना जरूरी है। उन्होंने धर्म संसद के आयोजन को एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि धर्म उनके लिए सर्वोपरि है और इसकी रक्षा के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है।
धर्म संसद को बताया जरूरी कदम
साध्वी प्राची ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक विषयों पर लगातार चर्चा होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से आयोजित होने वाली धर्म संसद को उन्होंने सराहनीय प्रयास बताया। उनके मुताबिक, धार्मिक मुद्दों पर समाज के लोगों और संतों के बीच विचार-विमर्श से आगे की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है। लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से 4 अक्टूबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, इसमें भारत के अलावा 21 देशों से सनातन धर्म से जुड़े संत, विद्वान और प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बड़ा दावा
साध्वी प्राची ने अपने बयान में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनने की उम्मीद है। उन्होंने इसे अपनी आस्था और विश्वास के तौर पर पेश किया। वहीं, धर्म संसद के आयोजकों ने भी मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मंदिर निर्माण के मुद्दे को कार्यक्रम के प्रमुख एजेंडे में शामिल किया है। विश्व हिंदू रक्षा परिषद की वेबसाइट पर भी संगठन की ओर से मथुरा से जुड़े अभियान और मंदिर निर्माण के संकल्प का उल्लेख किया गया है।
अखिलेश यादव को भी भेजा गया था न्योता
धर्म संसद को लेकर लखनऊ में राजनीतिक चर्चा भी तेज हुई। आयोजन से पहले विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को पोस्टर और होर्डिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था। ये पोस्टर लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों और उनके आवास के आसपास लगाए जाने की जानकारी सामने आई।
पोस्टरों में मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के मुद्दे का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव से धर्म संसद में शामिल होने की अपील की गई थी। इस कदम के बाद आयोजन का धार्मिक मुद्दा राजनीतिक बहस से भी जुड़ता दिखाई दिया।
2027 और 2029 चुनाव को लेकर भी बयान
साध्वी प्राची ने धर्म संसद के मुद्दे के साथ आगामी चुनावों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को फिर से पूर्ण बहुमत मिलेगा। साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर चुनावी समय में राम मंदिर और सनातन से जुड़े मुद्दों को याद करने का आरोप लगाया।
धर्म संसद को लेकर आयोजकों की ओर से मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे को प्रमुखता दिए जाने के बीच साध्वी प्राची का बयान इस विषय को एक बार फिर चर्चा में ले आया है। हालांकि, मथुरा जन्मभूमि से जुड़ा विवाद न्यायिक प्रक्रिया और विभिन्न पक्षों के दावों से जुड़ा विषय है, इसलिए मंदिर निर्माण को लेकर उनके बयान को उनके राजनीतिक-धार्मिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।